आदिवासी पार्टी होने का दम्म भरने वाले ये झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता आदिवासियों को अबतक केवल ठगा ही है

गीता कोडा ने बताया कि मोदीजी दूसरे पार्टियों के नेताओं जैसे झूठ नही बोलेते, वे जो बोलते हैं वो करतें हैं ; सांसद गीता


चाईबासा : भारतीय जनता पार्टी ही कर सकती है गरीबों, आदिवासियों, युवा वर्गों, बेरोजगारों, महिलाओं के साथ देश के सभी समुदाय के जनता का विकास।यह बात भारतीय जनता पार्टी की लोकसभा प्रत्याशी सांसद गीता कोडा ने आज तांतनगर प्रखंड के तोईबाना, इलिगाड़ा, कुलाबुरु, रोलाडीह, कोकचो, पासूबेड़ा, गंजिया, अंगरडीहा, दाड़मा, तेंतेड़ा, चिमीसाई, सिलपुंजी, रायकेला, खेड़ियाटाँगर, टाँगरपोखरिया, बड़दाडीह, गोदवास, पुरनिया, चिटीमिटि, रुतासाई, उलीडीह और तांतनगर गावँ के ग्रामीणों को पूरे विश्वास से बताई।


उन्होंने कहा की मोदी को सबकी चिंता है,मोदी हैं तो सबकुछ संभव है। मोदी आदिवासी समुदाय को मुख्य धारा में लाने के लिये जनकल्याणकारी ऐसी अनेक योजना लाएं है जो पहले के सरकारों ने 70 वर्षो में नही किया।गीता कोडा ने बताया कि मोदीजी दूसरे पार्टियों के नेताओं जैसे झूठ नही बोलेते, वे जो बोलते हैं वो करतें हैं, मोदी सबके हित की गारंटी देते हैं। आज पूरे देश मे अनेक बड़े नेता मोदी से प्रभावित होकर अपनी पार्टी छोड़ कर मोदी की भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो रहे हैं। गीता कोड़ा ने कहा कि मैंने भी यही किया। 


आदिवासी पार्टी होने का दम्भ भरने वाले ये झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता आदिवासियों को अबतक केवल ठगा ही है, काम कुछ नही किया ना करने की मंशा है, गरीब आदिवासी ट्रैक्टर मालिकों के ट्रैक्टरों जब्त करवाकर गरीबों को मुकदमो में ये फंसा दे रहें है, गरीब ट्रैक्टर मालिक और उसमे काम करने वाले ड्राइवर भाई मजदूर भाई बहनो के परिवार को यदि मोदीजी खाने के लिए फ्री में अनाज नही देते तो उनके परिवारवाले भूखे रह जाते।गीता कोड़ा ने कहा कि गरीबों के भला चाहनेवाले मोदी को फिर प्रधानमंत्री बनाना है, यही बताने मैं आपसबों के पास आई हूं, और आपसबों से कमल फूल निशान में वोट देने का अनुरोध करती हुँ, जिससे कि मैं आगे भी आपसबों की सेवा पहले की तरह करती रहूं।


गीता कोड़ा के जनसंपर्क कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सह प्रदेश उपाद्यक्ष बड़कुंवर गागराई, मंडल अध्य्क्ष सुकलाल चातर, महामंत्री राकेश आलडा, प्रभारी पूर्व जिला अध्य्क्ष सतीश पूरी, खेमकरण सँवाइंया, काबू दत्ता, नवीन गुप्ता, मोती लाल कलुण्डिया, रायमुनि कुण्टिया, शांति तुबिड़, मनमोहन पूर्ति, गजेंद्र संवैया, लतरु बोइपाई, संतोष बोइपाई, सिकुर सँवाइंया, कृष्णा सँवाइंया, विश्वजीत सँवाइंया के साथ कई कार्यकर्ता साथ रहे।

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