सरायकेला/दीपक कुमार दारोघा: जिला मुख्यालय सरायकेला में रामनवमी में भक्ति उल्लास का माहौल रहा। बुधवार को तड़के सुबह से भक्त श्रद्धालुओं का रुख बजरंगबली मंदिर की ओर रहा। पुराना बस स्टैंड स्थित मंदिर में भक्त श्रद्धालुओं का काफी भीड़ रही। लोगों ने पूजा अर्चना कर श्री राम व बजरंगबली के प्रति आस्था जताया।
अपराहन को रामनवमी शोभायात्रा निकाली। शोभायात्रा के दौरान चौक चौराहों पर खिलाड़ियों ने खेल कर्तब दिखाया। शोभायात्रा के दौरान विभिन्न आखड़ा का मनमोहक झांकियां भी देखने को मिला।
शोभायात्रा नगर परिक्रमा करते हुए पुराना बस स्टैंड स्थित बजरंगबली मंदिर पहुंचा। इस दौरान "जय श्री राम", "जय बजरंगबली" की नारा गूंज रहा था। मान्यता है कि श्री राम भगवान विष्णु के सातवें अवतार थे। और बजरंगबली उन्हीं के भक्त थे।
श्री बजरंगबली की पूजा करने से श्री राम प्रसन्न होते हैं। और राम भक्तों को सिद्धि प्राप्त होती है। इसीलिए रामनवमी में खासकर बजरंगबली मंदिर में भक्तों की भीड़ लगी रहती है।
लोग अपने घर आंगन में भी पूजा अर्चना कर हनुमान पताका ध्वजाआरोहण किए। बताया जाता है कि महाभारत युद्ध के अंत में श्री कृष्ण ने अर्जुन को अस्त्र-शस्त्र लिए रथ से उतरने को कहा।
अर्जुन अस्त्र-शस्त्र लिए रथ से उतर गए। इसके बाद श्री विष्णु उतरते ही रथ के ऊपर पताका में विराजमान बजरंगबली भी हटे और रथ जल गया। इसलिए सुरक्षा के लिए लोग अपने घर आंगन में हनुमान झंडा लगाते हैं। आखड़ा जुलूस या शोभा यात्रा के संबंध में बताया जाता है कि रावण से जीत के लिए श्री राम ने शक्ति रूपिणी बासंती (माता दुर्गा) की पूजा अर्चना की थी।
विजय का संकल्प लिए सेना भी थे। श्री राम की सेना विजय की कामना लिए युद्ध कौशल को प्रस्फुटित करते थे। इससे राम जन्मोत्सव में श्री राम कृतित्व की आभास होती है। और लोग धार्मिक लोक परंपरा को आस्था के साथ निभा रहे हैं। जिसका एक झलक सरायकेला में भी देखने को मिला।
विभिन्न आखड़ा के लोगों ने बृहस्पतिवार को विसर्जन जुलूस भक्ति उल्लास के साथ निकाला। चौक चौराहे पर खिलाड़ियों ने खेल कर्तव दिखाया। चारों ओर हर्षोल्लास का माहौल रहा। आखड़ा विसर्जन जुलूस में मनमोहक झांकियां भी देखने को मिला। पूरे कार्यक्रम में पुलिस व प्रशासन सक्रिय रही।










