यूसील की नरवापहाड यूरेनियम प्रोजेक्ट के आडोटोरियम में आयोजित न्यूक्लियर पावर पर आयोजित सेमिनार में वैज्ञानिकों ने नई शोध का किया खुलासा

यूसील की टेलिंग पौंड में पड़ी 40 लाख टन यूरेनियम मुक्त अयस्क से देश में अब बनेगी सड़के व घर / डॉक्टर डी के अस्वाल

फोटो : यूसील की नरवा पहाड़ ऑडिटोरियम में न्यूक्लियर पावर को लेकर
आयोजित समारोह में कम्पनी के तमाम उपस्थित वरीय अधिकारी

जादूगोड़ा : एक साल के  शोध के बाद यूरेनियम मुक्त अयस्क से देश में अब बनेगी सड़के व घर । 
यूसील की नरवापहाड  यूरेनियम प्रोजेक्ट के  आडोटोरियम में आयोजित न्यूक्लियर पावर पर  आयोजित सेमिनार में आए  मुख्य अतिथि सह सुरक्षा ,स्वास्थ्य एवं पर्यावरण समूह( बार्क) के निर्देशक  डॉक्टर  डी  के अस्वाल ( वैज्ञानिक) ने अपने संबोधन में कही। इधर देश में इस नई खोज के बाद   यूरेनियम अयस्क की  पिसाई के बाद टेलिंग पौंड में  उसे एकत्रित करने व उसकी   सुरक्षित रख _ रखाव पर  होने वाले सालाना करोड़ों  रुपए खर्च पर रोक लगेगी वही इसके सरक्षण को लेकर जमीन अधिग्रहण में आने वाले बाधाओं से भी राहत मिलेगी।जिसका इंतजार  वर्षो से यूसील प्रबंधन को थी।  न्यूक्लियर पावर को लेकर आज सोमवार को आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए देश के वरीय  वैज्ञानिक डॉक्टर डी के अस्वाल ने कहा कि टेलिंग पौंड से बनने वाली घर लाल ईटा से काफी मजबूत साबित हुआ है व प्रदूषणमुक्त।

उन्होंने कहा की यूसील की टेलिंग पौंड में रखी 40 लाख टन यूरेनियम मुक्त अयस्क से बनी सड़क व घर से देश समेत यूसील की अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। जिसने कोई हानि भी नही है। फिलहाल लोग पहाड़ को काटकर उसके रेत से सड़क  व ईट बना रहे है जो  पर्यावरण को नुकसान के साथ-साथ प्राकृतिक सुंदरता को भी  नाश  कर रही है। उन्होंने जानकारी दी की यूरेनियम माइंस पूरी तरह से सुरक्षित  व  प्रदूषण मुक्त है।।कार्य के दौरान  यूरेनियम का डोज मिलने पर  वह पेशाब के मार्फत निकल जाता है। जिससे मानव जीवन पर कोई  खतरा नही होता।विदेशी ताकते भारत को कमजोर करने के लिए यूरेनियम को लेकर भ्रामक खबरें फैलती है। बीते एक साल के शोध के बाद इस अनुपयोगी  यूरेनियम मुक्त अयस्क से सड़क व मकान बनाने में देश के वैज्ञानिकों को सफलता मिली है। जरूरत है क्षेत्र के स्थानीय ठीकेदार इसका उपयोग मकान व सड़क बनने में आगे आए ताकि देश के योगदान में अहम रोल अदा कर सके।

इस समारोह में यूसील के  निर्देशक डॉक्टर सी के अस्नानी,तकनीकी निर्देशक राजेश कुमार, उप महा प्रबंधक राकेश कुमार, आई एस ओ हेड के के राव, चंचल  मन्ना, मनोज कुमार, मनोरंजन महाली समेत ग्रुप ए  व ग्रुप बी स्तर के वरीय अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

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