नक्सलियों से निपटने के लिए सीआरपीएफ व पुलिस पदाधिकारियों नें की दो घंटे तक बैठक, बनी रणनिती

कई अधिकारी हेलीकॉप्टर से लौट गए रांची


चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंड़ा व पोड़ाहाट जंगल क्षेत्र में बढ़ रहे नक्सली गतिविधी से निपटने के लिए सीआरपीएफ-26 बटालियन का किरीबुरु स्थित डेट कैम्प में सीआरपीएफ व झारखण्ड पुलिस के आईजी व डीआईजी स्तर के उच्च पदाधिकारियों की लगभग दो घंटे तक चली बैठक खत्म होने के बाद कई डीआईजी इन्द्रजीत महथा समेत कई पदाधिकारी झार पुलिस का हेलीकॉप्टर से राँची के लिये रवाना हो गये. कोल्हान डीआईजी अजय लिंडा समेत अन्य पदाधिकारी किरीबुरु में ही रुक गये हैं.

उल्लेखनीय है कि सारंडा में अचानक बढ़ी नक्सल गतिविधियां को लेकर सारे पदाधिकारी आज दोपहर लगभग सवा दो बजे वायुसेना के हेलीकौप्टर से मेघाहातुबुरु हेलीपैड पर उतरे थे. वहां से उक्त सीआरपीएफ कैंप गये एवं लगभग दो घंटे तक नक्सल मामले व उनके खात्मे को लेकर बैठक किये. यह बैठक लगभग साढे़ चार बजे तक चली. उसके बाद आधे अधिकारी वाहन से मेघाहातुबुरु हेलिपैड स्थल पहुंचे एवं लगभग 4.40 बजे झारखण्ड पुलिस का हेलिकौप्टर आने पर उसमें सवार होकर राँची लौट गये. बैठक में क्या बातें हुई इस पर कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं हुआ. लेकिन संभावना जताई जा रही है कि नक्सलियों के खिलाफ बडा़ आपरेशन सारंडा के सभी क्षेत्रों से चलाया जायेगा.

सारंडा में पुलिस व सीआरपीएफ को आपरेशन चलाने में ज्यादा परेशानी नहीं होगी. क्योंकि यहाँ थोलकोबाद, जुम्बईबुरु, करमपदा, किरीबुरु, सैडल, छोटानागरा, रोवाम, अंकुआ, दीघा आदि अनेक स्थानों पर सीआरपीएफ व अन्य बलों का पहले से कैम्प है. जवानों का बेहतर संबंध विभिन्न गांवों के ग्रामीणों के साथ पहले से है. नक्सलियों के कुछ पुराने समर्थकों को छोड़ प्रायः ग्रामीण नक्सलियों को सहयोग नहीं कर रहे हैं. नक्सली भी घने जंगलों को छोड़ सारंडा के विभिन्न गाँवों में नहीं आ रहे हैं तथा आम ग्रामीणों से सम्पर्क स्थापित नहीं कर रहे हैं. पुलिस नक्सलियों के हर गतिविधियां व उनके मददगारों पर पैनी नजर रखे हुये है.

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