चाईबासा : चक्रधरपुर थाना क्षेत्र की गुलकेड़ा पंचायत के बुरुसाई गांव में प्रसव के दौरान अधिक रक्त बहाव के कारण आंगनबाड़ी के रुप में कार्यरत एक प्रसूता व शिशु की मौत हो गई. बताया जाता है कि गुलकेड़ा पंचायत की बुरुसाई गांव निवासी 30 वर्षीय आंगनबाड़ी सेविका सुनिता बांकिरा सात माह की गर्भवती थी. पिछले 15 अक्टूबर को उन्हें अचानक रक्तबहाव होने लगा. इसके बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए चक्रधरपुर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे. वहां महिला का इलाज कर रक्तबहाव की परेशानी को ठीक कर दिया गया. इसके बाद परिजन सुनीता बांकिरा को लेकर घर चले गये.
इसके बाद वह ठीक थी. 23 अक्टूबर की रात लगभग 11.30 बजे बजे फिर से सुनीता बांकिरा को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई. इस बीच प्रसूता ने घर में ही एक शिशु को जन्म दिया, लेकिन शिशु का जन्म समय से पहले होने के कारण अत्यधिक कमजोर था. इससे उसकी मौत हो गई. वहीं प्रसूता का रक्तबहाव जारी रहा. परिजन रातभर प्रसूता को घर में रखे रहे. सुबह प्रसूता को एक निजी अस्पताल ले गये. वहां अस्पताल के डॉक्टरों ने जल्द से जल्द रक्त चढ़ाने को कहा. लेकिन परिजन दोपहर में रक्त लेकर पहुंचे. इस बीच प्रसूता की मौत हो गई. इसके बाद परिजन प्रसूता को अपने घर ले गये. इधर इसकी सूचना मिलने पर आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं में शोक की लहर दौड़ गई.
बुधवार को आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष मार्टिन मुर्मू, महिला पर्यवेक्षिका संगीता कुमारी, सेविका नरगिस केराई समेत अन्य मृतका सुनीता बांकिरा के घर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी. साथ ही परिजनों को ढांढस बंधाया. आंगनबाड़ी संघ के जिलाध्यक्ष मार्टिन मुर्मू ने कहा कि नियमावली के तहत मृतका के परिजनों को हरसंभव मदद करायी जाएगी. इस मौके पर प्रखंड के अन्य आंगनबाड़ी केन्द्रों की सेविका-सहायिका मौजूद थीं.


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