बीडर्स को शिकायत दर्ज कराने का दिया जाता है मौका : राजीव


चाईबासा : ग्रामीण कार्य विभाग के मुख्य अभियंता राजीव लोचन का भव्य आलीशान मकान आदिवासी जमीन पर बने होने की चर्चा इन दिनों जोरों पर है. राजनीतिज्ञ और अभियंताओं के बीच चर्चा यह भी हो रही है कि वह कार्यपालक अभियंता रहते हुए करोड़ों की चल-अचल संपत्ति अर्जित किए हैं. इस संबन्ध में एसीबी में भी केस दर्ज है, जिसे अपने पैसे और पैरवी के बल पर ठंडे बस्ते में डलवा दिया है. 

सूत्रों से यह भी जानकारी मिल रही है कि राजीव लोचन की आय से अधिक समत्ती की जांच के लिए एक आदिवासी संगठन उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करेगा. राजीव लोचन इसी महिना सेवानिवृत हो रहें हैं. चर्चा यह भी है कि राजीव लोचन अपने अंतिम माह में सीएस अनुमोदन करने का रिकॉर्ड बना रहें हैं. उनके द्वारा फेल संवेदक को पास, आरोपित एवं कार्य को लम्बित रखने वाले संवेदकों को 10 फीसदी कमिशन ले कर कार्य आवंटित किया जा रहा है.

चक्रधरपुर प्रमण्डल के कार्यपालक अभियंता चंदन कुमार के द्वारा अभिनव इन्फ्रा को प्राक्कलन के विपरित फर्जी विपत्र को पास कर भुगतान किया गया है. झारखंड भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति के अध्यक्ष गणेश प्रसाद के लिखित शिकायत को नजर अंदाज कर व ठंडे बस्ते में डाल कर राजीव लोचन द्वारा अभिनव इन्फ्रा को कार्य आवंटित करने की पृष्ट भूमि तैयार की गई है. चंदन कुमार के खिलाफ भी भ्रष्टाचार का एक मामला एसीबी में दर्ज है. गौरतलब है कि इससे पूर्व जगन्नाथपुर के पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा राज्यपाल से राजीव लोचन की सम्पत्ति की जांच केन्द्रीय एजेंसी से कराने की मांग कर चुके हैं.

इन आरोपों पर मुख्य अभियंता राजीव लोचन ने कहा कि बीडर्स को अपनी शिकायत दर्ज कराने का पूरा मौका दिया जाता है. उनकी शिकायते सुनी जाती है और नियम अनुसार समाधान भी किया जाता है. कार्य लंबित रखने वाले संवेदक को टेक्निकल बीड कैपेसिटी के आधार पर कार्य दिया जा रहा है. उनका कोई मकान किसी आदिवासी की जमीन पर नहीं बना है. यह आरोप बिल्कुल गलत है.

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