चाईबासा : झारखण्ड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष श्री जयशंकर पाठक द्वारा पश्चिम सिंहभूम में मंदिरों, धर्मशालाओं एवं न्यास से संबंधित विभिन्न संस्थानों से समन्वय स्थापित करने के लिए चार सदस्यीय समिति गठित किया है, जिसमे सुनीत शर्मा के साथ त्रिशानू राय, राजा प्रसाद और विकास गर्ग को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस पर सुनीत शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड से निबंधन पर मंदिरों एवं धर्मशालाओं के संरक्षण एवं संवर्धन में लाभ मिलता है, सभी मंदिर में स्थानीय कमिटी हो और उसका संचालन सुचारू ढंग से हो जिससे मंदिर कमिटी कोष का उपयोग मानव कल्याण के लिए कर सके, इसी प्रकार धर्मशालाओं का भी निबंधन हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड में होना सुनिश्चित करना चाहिए।
सुनीत शर्मा ने आगे बताया कि अकेले देवघर में २६ से २७ धर्मशालाएं थी जिसमे से कुछ तो होटल में तफ्दील हो गई है, अब जाकर राज्य में पहली बार इसके लिए आवाज उठाई जा रही हैं, हम अगर साथ मिलकर धर्मशाला और मंदिर की भूमि को संरक्षित नही कर सके तो आने वाली पीढ़ी हमे कभी माफ नहीं करेगी। हम सभी को यह समझना होगा कि मंदिर का स्थान उसके अंदर स्थापित विग्रह का ही होता है अर्थात उसके लिए संचालन समिति होनी चाहिए क्यों की मंदिर और धर्मशाला यह सभी हिंदू समाज का है। जल्द ही सभी धर्मशाला और मंदिर के वर्तमान समितियों से समन्वय स्थापित कर झारखण्ड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड के पदाधिकारियों के द्वारा जिला में कैंप आयोजित किया जाएगा।
महादेवशाल मंदिर, राम तीर्थ और केरा मंदिर जैसे ऐतिहासिक स्थान जो जिला और देश के विभिन्न जगह से आने वाले लोगो के लिए आस्था का केंद्र है, वैसे स्थान पर उचित सुविधा उपलब्ध कराना भी हमारी प्राथमिकता में रहेगा ।
