मानसिक रूप से विकलांग आदिवासी महिला खा रही है दर दर की ठोकर....स्थानीय लोगों की मदद से कर रही है जीवन संघर्ष।


चाईबासा : डंगोआपोसी में विगत महीने भर से मानसिक रूप से विकलांग एक आदिवासी महिला दर दर की ठोकर खाने को विवश है।

यह महिला स्थानीय लोगों से किसी प्रकार से माँग कर अपने जीवन से संघर्ष कर रही है। स्थानीय दुकानदार भी अपने स्तर से इनके खाने पीने का इंतजाम कर देते हैं। 

आज़ जब डंगोआपोसी में ज़ोरदार मूसलाधार बारिश हुई उक्त महिला एक दुकान परिसर के बाहर पूरी तरह से भीगे हुए ठिठुरती नज़र आई। जैसे ही इस महिला पर दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कॉंग्रेस डंगोआपोसी के शाखा सचिव सुभाष मजूमदार. दीपक कुमार. की उसपर नज़र पड़ी तो उन्होंने उस महिला को एक कम्बल, कुछ भोजन और पैसे दिए जबकि पारा शिक्षक संदीप सेन ने उसे अपने दुकान के परिसर में रात बिताने के लिए आसरा दिया। 

चूँकि ये महिला मानसिक विकलांगता की शिकार है तो ये अपने घर का पता बताने में भी असमर्थ है।
भारी बारिश के कारण ठंढ ने भी दस्तक दे दी है और आनेवाले समय में पारा लगातार लुढ़कता ही चला जाएगा। उस विषम परिस्थिति में इस महिला को अपना जीवन बचाने के लिए भी भारी संघर्ष करना पड़ सकता है।जरूरत है कि प्रबुद्ध वर्ग इस महिला की सहायता के लिए सामने आए और उक्त महिला को सरकारी सहायता प्रदान करने में सहयोग करे। उक्त महिला को चिकित्सा और पर्याप्त पोषण की शीघ्र आवश्यकता है।

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