गैस सिलेंडर का दाम में 200 रु० की कटौती एक चुनावी स्टंट : कांग्रेस

मोदी सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण देश की अर्थव्यवस्था लगातार गर्त में जा रही है : विजय खां


चाईबासा ( संतोष वर्मा ) : एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 200 रु० की कटौती मोदी सरकार द्वारा आगामी दिनों में 05 राज्यों में होने वाले चुनाव तथा उसके बाद लोकचुनाव में मतदाताओं को लुभाने का एक राजनीतिक स्टंट है।
मोदी सरकार के इस छद्म राजनीतिक स्टंट को आम जनता के बीच पर्दाफाश करने के निमित्त रविवार को झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष राजेश ठाकुर के निर्देशानुसार प०सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा स्थित कांग्रेस भवन में प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। 

गैस सिलेंडर का दाम में 200 रु० की कटौती एक चुनावी स्टंट

प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए प०सिंहभूम जिला के प्रभारी विजय खां ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार अमीरों को और अमीर एवं गरीबों को और गरीब बना रही है। एलपीजी सिलेंडर सहित सभी आवश्यक वस्तुओं की कीमत में अत्यधिक वृद्धि होने के कारण आम जनों की पीड़ा की कभी परवाह नहीं की और वर्षों बाद चुनाव के नजदीक आने पर रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 200रु० कम कर दी।

मोदी सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण देश की अर्थव्यवस्था लगातार गर्त में जा रही है : विजय खां

पिछले साढ़े नौ वर्षों में मोदी सरकार ने रसोई गैस के दाम लगातार बढ़ाकर 31.37 करोड़ लोगों को लूटा है , उन्होंने जनता की जेब से 8,33,640.76 रु० से ज्यादा की लूट की। सिर्फ हमारे उज्ज्वल वाहनों से ही 2017 से अब तक मोदी ने 68,702.76रु० से अधिक की लूट किए। आगे प्रभारी विजय खां ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में ईंधन में टैक्स द्वारा मोदी सरकार ने 30 लाख करोड़ रु० की मुनाफाखोरी की है। 

2014 से अब तक मोदी सरकार द्वारा गैस सिलेंडर के दामों में 185 प्रतिशत की वृद्धि की गई , और अभी घटाया कितना गया मात्र 17.5 प्रतिशत। 

चुनाव के बाद लगातार दाम बढ़ने का वह चुनाव से पहले थोड़ा दम घटकर बड़ी राहत देने की ढोल पीट रहे हैं। देश की जनता भाजपा की मोदी सरकार के रग-रग से वापसी हो चुकी है, आप इनको कोई भी झांसे में नहीं फँसने वाली है। महंगी गैस, महंगा तेल, थोक और खुदरा महंगाई आजादी के बाद सर्वोच्च शिखर पर है, सिर्फ सत्ता की भूख में मोदी सरकार आम जनता की कमर तोड़ रही है। खाने का तेल 200रु० के पार, आम जनता बेबस और लाचार है पर मोदी सरकार केवल अपने चंद पूंजीपति मित्रों के मुनाफे की सोच रही है। मोदी सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी विगत 7 साल में 258 परसेंट बढ़ाया है और डीजल पर 820 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।

इंतमा आंकड़ों के बावजूद मोदी सरकार द्वारा महंगाई को झूठ लाया जाना यह प्रदर्शित करता है कि महंगाई को काबू करना मोदी सरकार के बस में नहीं है। 2013 में कांग्रेस की मनमोहन सरकार के समय राशन सामग्री और पेट्रोल-डीजल के दाम और वर्तमान मोदी सरकार के समय आवश्यक वस्तुओं की कीमत लगभग दुगुनी हो गयी है। मोदी सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण देश की अर्थव्यवस्था लगातार गर्त में जा रही है। देश की जीडीपी 8.2 से गिरकर 7.2 प्रतिशत हो गयी है। विदेशी मुद्रा भंडार लगातार काम हो रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय व्यापार संतुलन बिगड़ने से आयात पर निर्भरता तेजी से बढ़ रही है। 

विगत 12 महीना में डॉलर के मुकाबले रुपए का मूल्य 12 प्रतिशत से ज्यादा गिर चुका है । थोक और खुदरा महंगाई दर आरबीआई इधर तय सीमा से लगातार ऊपर है लेकिन मोदी सरकार का फोकस केवल चंद पूंजीपतियों के मुनाफे पर केंद्रित है।
प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस जिला अध्यक्ष चंद्रशेखर दास , प्रवक्ता जितेन्द्र नाथ ओझा उपस्थित थे।

Post a Comment

Do live your Comments here! 👇

Previous Post Next Post