सरायकेला में लाको बोदरा की जयंती समारोह आयोजित

वारंगक्षिति लिपि को पहचान दिलाने का काम हो रहा : मंत्री चंपाई


सरायकेला ( दीपक कुमार दारोघा ) : आदिवासी हो समाज महासभा द्वारा सरायकेला के बड़बिल कला संस्कृति भवन परिसर में आयोजित ओत गुरु कोल लाको बोदरा की 105वां जयंती समारोह में मुख्य अतिथि झारखंड राज्य के आदिवासी कल्याण एवं परिवहन मंत्री चंपाई सोरेन ने कहा कि वारंगक्षिति लिपि को पहचान दिलाने का काम हो रहा है।

उन्होंने कहा कि भारतवर्ष के अंदर आदिवासी का अलग इतिहास रहा है। कभी भी यहां के आदिवासी मूलवासी गुलामी नहीं स्वीकारा। संघर्ष के साथ परंपरा संस्कृति को बचाए रखा। समाज के अभिभावकगण तय करें कि वारंगक्षिति लिपि में पढ़ाई के लिए शैक्षणिक व्यवस्था का स्वरूप कैसा हो। वारंगक्षिति लिपि में शिक्षा का माहौल गांव-गांव तक पहुंचाएं।सरकार आपके साथ है।

इससे पहले उन्होंने उक्त भवन परिसर में स्थित वारंगक्षिति के जनक गुरु कोल लाको बोदरा की प्रतिमा शेड का उद्घाटन किया। उन्होंने गुरु लाको बोदरा की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित की। समारोह में कार्यक्रम के दौरान समाज के लोगों ने मंत्री का भव्य स्वागत किया। समारोह में सांस्कृतिक नृत्य भी देखने को मिला। 

पूरे कार्यक्रम में उपायुक्त रविशंकर शुक्ला, जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा, डीडीसी प्रवीण कुमार गागराई, आईटीडीए निदेशक संदीप कुमार दराईबुरू, वकील सोरेन, आदिवासी हो समाज महासभा के कृष्ण चंद्र बोदरा, विधायक प्रतिनिधि सनंद आचार्य सहित काफी संख्या में आसपास के ग्रामीण उपस्थित थे।

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