जिले की उभरती इतिहासकार महिला कॉलेज चाईबासा के इतिहास विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ.ललिता सुंडी के शोध -'सिंहभूम का इतिहास: प्राचीन काल से पूर्व औपनिवेशिक काल तक ' का डॉ.रामदयाल मुंडा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान के द्वारा पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया गया।


चाईबासा ( Santosh Verma ) :  जिले की उभरती इतिहासकार महिला कॉलेज चाईबासा के इतिहास विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ.ललिता सुंडी के शोध -'सिंहभूम का इतिहास: प्राचीन काल से पूर्व औपनिवेशिक काल तक ' का डॉ.रामदयाल मुंडा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान के द्वारा पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया गया।जिसका लोकार्पण मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के हाथों आदिवासी दिवस पर किया गया। ज्ञात हो कि वर्ष 2019-20 में जनजातीय कल्याण शोध संस्थान ने शोध परियोजना कार्य प्रस्तुत करने हेतु विज्ञापन प्रकाशित किया था। 


इसमें देशभर के शोधार्थियों के साथ डॉ.ललिता ने भी सिंहभूम के इतिहास पर शोध परियोजना तैयार कर शोध संस्थान में पीपीटी के माध्यम से विस्तृत साक्षात्कार दी। शोध संस्थान के विषय विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न स्तर पर शोधार्थियों का शोध परियोजना का जांच किया गया। चूंकि डॉ.ललिता सुंडी ने सिंहभूम की गौरवशाली इतिहास का काफी बारीकी से अध्ययन कर शोध परियोजना तैयार की है। इसलिए विशेषज्ञों के अंतिम समीक्षा के बाद इनके शोध को पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया गया। 

डॉ.ललिता सुंडी के शोध का पुस्तक के रूप में प्रकाशित होने और मुख्यमंत्री के हाथों इनका लोकार्पण किए जाने पर सिंहभूम के शिक्षा जगत में खुशी की लहर है।शिक्षा प्रेमियों प्रोफेसर दिलदार पुरती,कृष्णा देवगम,रांधो देवगम,रामसिंह चातर,शालिनी पूर्ति,सिकंदर बुड़ीउली,दामु सुंडी,विमल किशोर बोयपाई,अनिला सुंडी, महीप किशोर पिंगुवा,क्रियाम बिरुली,शेखर तामसोय,संजय कुमार जारिका और मतकमहातु पंचायत मुखिया जुलियाना देवगम ने हर्ष व्यक्त किया है।

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