सरायकेला ( दीपक कुमार दारोघा ) : राजनगर प्रखंड के छोटावाना गांव में दिवंगत सीता सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित करने लोग पहुंचे एवं उनके तस्वीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
उक्त गांव जिला मुख्यालय सरायकेला से दक्षिण में करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित है। जिला मुख्यालय से उस गांव की ओर जाने के क्रम में देखा गया कि किसान खेती कार्यों में मशगूल थे। खेत में बुआई, रोपनी कार्य चल रहा है।
सीदाडीह गांव पहुंचने के बाद बड़ावाना के रास्ते में नजारा कुछ अलग देखने को मिला। सीदाडीह तालाब की मेड के ऊपर बनी कच्ची सड़क में गंतव्य तक पहुंचने की रास्ता है। किसी तरह तालाब के मेड में अंतिम छोर तक जाने की प्रयास की। मगर अंतिम छोर में गाडवाल मिला। जहां तालाब का पानी नीचे की ओर बह रही है। मजबूरन तालाब के मेड से नीचे उतरा। मेड के नीचे खेत है। खेत के किनारे बहती हुई पानी में चलकर मुख्य सड़क पहुंचा।
जर्जर सड़क में साइकिल से चलते हुए जैसे ही छोटावाना गांव में प्रवेश किया। सड़कों में बहते हुए पानी का नजारा देखने को मिला। गांव के अंतिम छोर पहुंचने पर देखा गया कि तालाब का पानी निकल कर सड़क में बह रही है।
सड़क में बहती हुई पानी में साइकिल से सफर करते हुए दिवंगत सीता सोरेन के पति अवकाश प्राप्त शिक्षक चुनुराम सोरेन के घर पहुंचा। घर परिसर में लोग दिवंगत सीता सोरेन की तस्वीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर रहे थे।
सोशल एजुकेशन एंड कल्चरल एसोसिएशन झारखंड के उपाध्यक्ष दाकिन हेंब्रम(शिक्षक), होड महासभा के पदाधिकारी, कटंगा पंचायत के मुखिया रानी हांसदा, बंधु कुटुंब, शिक्षक वृंद आदि श्रद्धांजलि अर्पण करने वालों में शामिल थे।
इस दौरान लोग यह कहते रहे कि सीता सोरेन अच्छी गृहणी थी।
वह जीवन में पति चुनुराम को भरपूर सहयोग की। उनके 3 पुत्री शिक्षित हैं। इसमें एक शिक्षिका हैं। एक पुत्र है जो आईआईटियन है। यह सब सीता के द्वारा परिवार के प्रति समर्पण का नतीजा है। वह अब नहीं रहीं। शिक्षित परिवार बनाने के लिए वह समाज के लिए प्रेरणा बन गयी। दिवंगत सीता सोरेन के श्राद्ध क्रम में विभिन्न क्षेत्र से लोग पहुंचे थे।गांव से लौटने के क्रम में जैसे ही सीदाडीह तालाब मेड के पास पहुंचा गांव के जगत मुर्मू मिले।
उन्होंने सुनी सुनाई बातों का हवाला देते हुए बताया कि पहले तालाब का जीर्णोद्धार होगा। टेंडर हो गया है। उसके बाद मेड पर पक्की सड़क बनेगी। मेड के अंतिम छोर पर छोटा पुल भी बनेगा ताकि मुख्य सड़क से जुड़ सके। जो भी हो लोगों ने गांव की नजारा देख लिया और दिवंगत सीता सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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