चाईबासा ( संतोष वर्मा ) : संत जेवियर काथलिक चर्च में संत मोनिका दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर प्रार्थना सभा के मुख्य अनुष्ठादाता फादर नीलम संजीव केरकेट्टा ने अपने संदेश में कहा कि संत मोनिका अपनी प्रार्थना के बल पर क्रोध और बुराई के आगोश में जी रहे उनके पति,सास और पुत्र अगस्टिन के जीवन में उजाला लाई।फादर नीलम संजीव ने कहा कि सच्चे हृदय से प्रार्थना करने का अच्छा फल आवश्यक मिलता है।
चूंकि संत मोनिका को अपने पति और सास दुश्चरित्र को मानव कल्याण में बदलने में अठारह वर्ष लगे। उन्होंने कहा कि हमारी माताएं भी हर दिन परिवार की सुरक्षा और प्रगति के लिए प्रार्थना करती हैं, लेकिन कभी उजागर नहीं करती हैं। माताओं की प्रार्थना अंततः अच्छा परिणाम देता है।
दक्षिण अफ्रीका में जन्मी संत मोनिका जिसे माताओं की संरक्षिका के रुप में देखते हैं, उन्होंने धैर्यपूर्वक अपने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना करती थी, जिसका परिणाम रहा कि उनके पुत्र अगस्टिन गलत राह छोड़कर प्रोफेसर बनने के साथ -साथ मानव सेवा में अपना जीवन बिताया।फादर ने कहा कि उनकी माता भी मुझे पुरोहित बनाने के सपने संजोए हुई थी। इसके लिए हमेशा प्रार्थना करती थी। लेकिन वे इसके बारे में मुझे कभी नहीं बताया।जब पुरोहित अभिषेक का समय आया तो मां ने कहा कि उनका सपना पूरा हो गया।
मौके पर विश्वासी शांति प्रिय बलमुचू ने संत मोनिका की जीवनी पर प्रकाश डाला और अमातुस तोपनो ने माताओं के सम्मान में बधाई एवं प्रशंसा पत्र पढ़ा। वहीं विश्वासी रोयलेन तोपनो की अगुवाई में पुरोहितों को माताओं की ओर से पौधे, मिट्टी, फूल, नमक और मोमबत्ती क्रमशः जीवनदायनी,उत्पत्ति व नवजीवन,खूबसूरतीऔर खुशियां, स्वादिष्ट और प्रकाश के प्रतीक के रूप में भेंट किया गया। प्रार्थना सभा में संजीव कुमार बलमुचू की अगुवाई में रोबिन बलमुचू,प्रमोद सुरीन,रवि कुमार,कमल मिंज, रोड्रिक कुजूर, प्रहलाद बलमुचू,अमातुस तोपनो आदि ने मधुर भक्ति गीत सुनाया।इससे पूर्व सभी माताओं ने अपने हाथों में अगरबत्ती और मोमबत्ती लिए चर्च में प्रवेश किया।
प्रार्थना सभा के बाद काथलिक सभा की ओर से जेम्स गागराई और विश्वासियों की का प्रतिनिधि के रूप में दिलीप खलखो ने माताओं को पुष्प गुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।
मौके पर पल्ली पुरोहित फादर निकोलस केरकेट्टा, सहायक पुरोहित फादर अगस्टिन कुल्लू, फादर जॉन पूर्ति, काथलिक सभा के अध्यक्ष आशीष बिरूआ, किशोर तामसोय, वाल्टर बारला, सिस्टर ज्योत्स्ना, सिस्टर नीली, सिस्टर बलमदीना, सिस्टर नीलिमा, ब्रदर अनिल समेत काफी संख्या में काथलिक परिवार के महिला-पुरुष, युवा एवं बच्चे-बच्चियां उपस्थित थे।
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