संचिका की खोज में दो माह से नहीं हो रहा है राशि विमुक्त, संवेदक लगा रहें है समाहारणालय का चक्कर
चाईबासा ( संतोष वर्मा ) : पश्चिमी सिंहभूम जिला के डीएमएफटी फण्ड से संचालित योजना की फायल अब गायब होने लगें है।आस कारण डीएमएफटी शेल के प्रभारी पारूल सिंह के कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। ऐसी ही एक मामला देखने को मिल रहें है पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर प्रखंड में डीएमएफटी फंड से डाकुआ जंगल प्राथमिक विद्यालय भवन का मरम्मती और कुंद्रीझूर उत्कर्मित मध्य विद्यालय भवन का मरम्मतीकरण का कार्य विगत दो माह पहले ही पूर्ण किया जा चुका है।
उक्त दोनों योजनाओं की जांच NEP के निदेशक एजाज़ अनवर के पत्र के आधार पर जगन्नाथपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी के द्वारा अपने पत्रांक 352, 353 दिनांक 15.06.2023 को जांच प्रतिवेदन जिला को भेज दिए हैं, लेकिन आज तक शेष राशि की विमुक्ति नही हुआ है, जिसके कारण संवेदक समाहरणालय परिसर का चक्कर लगा रहें हैं।
संवेदक से मिली जानकारी के अनुसार डीडीसी संदीप बक्शी से मिलने के बाद भी राशि विमुक्त नही हुआ है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार डीएमएफटी शेल से जांच प्रस्ताव और प्रतिवेदन गायब हो गया है, जिसकी खोज दो माह से हो रही है। जांच प्रतिवेदन का खो जाना डीएमएफटी के प्रभारी पदाधिकारी पारूल सिंह और कर्मचारियों पर लापरवाही बरते जाने का मामला दर्ज कर प्रपत्र क का गठन किया जाना चाहिए, ताकि दोबारा इस तरह की घटना नही हो। डीएमएफटी शेल से स्कूल मरम्मती की संचिका गायब। संचिका की खोज में दो माह से राशि विमुक्ति नही हो रहा है। राशि विमुक्ति के लिए संवेदक डीडीसी का परिक्रमा करने पर मजबूर। डीएमएफटी शेल के प्रभारी के कार्यशैली पर उठ रहें है सवाल।


