चाईबासा ( संतोष वर्मा ) : अपने समाज के उत्थान के लिए अपनी मातृभाषा को कभी नहीं भूलना चाहिए ,अपनी मातृभाषा हमें एक दूसरे को जोड़ती है, एकजुट करती हैं ।अपनी मातृभाषा ही हमें इंसान बनाती है इसके लिए स्कूलों में मातृभाषा की पढ़ाई अनिवार्य है ।उक्त बातें विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित डॉ जामुन सिंह सोय ने आकाशवाणी चाईबासा मे अपने साक्षात्कार में कहीं ।उन्होंने कहा कि शिक्षा हमारे लिए बहुत ही जरूरी है। हमें शिक्षित होना होगा तभी हम अपने समाज को आगे ले जा सकते हैं।
हमारी अपनी संस्कृति सभ्यता को बचाए रखना है।
आज हम अपनी संस्कृति सभ्यता से दूर जा रहे हैं ऐसा नहीं होना चाहिए क्योंकि हमारी संस्कृति हमारी सभ्यता ही हमारी पहचान है इस अवसर पर हो साहित्य के लेखक श्री जवाहर लाल बांकिरा भी मौजूद थे। इस अवसर पर पदम श्री अवार्ड से सम्मानित डॉक्टर जानू सिंह सोए सोए एवं हो साहित्य के लेखक श्री जवाहर लाल बांकेरा का आकाशवाणी चाईबासा के कार्यक्रम अधिशासी जेवियर कंडुलना ने पुष्पगुच्छ देकर एवं पारंपरिक रीति रिवाज से उनका स्वागत किया गया।
मौके पर बरजो हेम्ब्रोम, बडा हांसदा ,बसंती बिरूवा , अंजू रानी देवगम, सुनीता हंसता ,रमेश दास, जयराम हेस्सा , रामसिंह चातर ,राम सिंह बिरूवा , चितरंजन कुमार, सुरेशचंद्र सोय के साथ आकाशवाणी परिवार के सभी सदस्य उपस्थित थे।


