यदि सीसीटीवी घटना स्थल में नहीं था तो एजेंसी के द्वारा वीडियो ग्राफी, और रिकॉर्डिंग क्यूं नहीं किया गया
चाईबासा ( संतोष वर्मा ) : पश्चिमी सिंहभूम जिला में टेंडर मैनेज करने को लेकर 26 अगस्त को घटित मारपीट, गली गलौज,तथा भवन को नुकसान पहुंचाने के मामला में एजेंसी के द्वारा निविदा में भाग लेने वाले और अन्य के नाम पर लिखित शिकायत सदर थाना प्रभारी को दिए जाने से संवेदकों में हड़कंप मचा हुआ है। वही अनुमण्डल पदाधिकारी सचिंद्र बड़ाइक के द्वारा सुरज कुमार साहू, बजरंग साहु,काजल प्रधान और अन्य के द्वारा घटना में शामिल होने की बात कही है। घटना का वीडियो में बहुत कुछ स्पष्ट दिख रहा है, साथ ही अनुमंडल पदाधिकारी घटना के प्रत्यक्ष दर्शी भी हैं। जिला पुलिस कंट्रोल रूम में सीसीटीवी का नही होना सुरक्षा में बड़ा चूक साबित हुआ है, यदि सीसीटीवी स्थल में नहीं था तो एजेंसी के द्वारा वीडियो ग्राफी, और रिकॉर्डिंग क्यूं नहीं किया गया।
नामित और आरोपित संवेदकों में कुछ चर्चित संवेदक पहले से ही विभाग में डिफॉल्टर हैं, जिसपर चक्रधरपुर ग्रामीण कार्य प्रमंडल में करवाई लम्बित है। दबंग और पहुंच वाले संवेदक सदर अनुमंडल पदाधिकारी के शिकायत को एफआईआर में दर्ज नहीं करने की पैरवी राज्य के दो मंत्री से डीसी को कराने की चर्चा जोरों से हो रही है।अधिकांश संवेदक मनोहरपुर विधानसभा क्षेत्र से हैं।सूत्रों कि माने तो श्री बड़ाईक को इस मामला में ट्रांसफर का भी मुंह देखना पड़ सकता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सदर थाना प्रभारी को भी एफआईआर दर्ज नहीं करने का मंत्री स्तर से पैरवी करने की हो रही है।
जिला प्रशासन निविदा डालने के दिन सुरक्षा बलों की तैनाती पूरे परिसर में होनी चाहिए। साथ ही संवेदक के अलावा बाहरी और अन्य लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। कमज़ोर तबका के संवेदक को टेंडर डालने से रोकने की परम्परा को जिला प्रशासन गंभीरता से लेते हुए पारदर्शी निविदा डालने का व्यवस्था करने की आवश्यकता है। दबंग और पहुंच वाले संवेदक का रंगदारी का यह आलम है कि हार्ड कॉपी जमा करने के बाद दूसरे दिन हार्ड कॉपी वापस लेने पर मजबूर करतें हैं,जिसकी निगरानी प्रशासन को करनी चाहिए और कानून के दायरे में निविदा को रद्द करने की करवाई सुनिश्चित करना चाहिए,लगातार इस तरह की घटना सामने देखने को मिल रही है।
जिला प्रशासन के नजदीकी सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार हार्ड कॉपी जमा नहीं करने और वापस हार्ड कॉपी लेने वाला पर कठोर कदम उठाए जायेंगें, साथ ही निविदा रद्द कर दी जाएगी। टेंडर मैनेज करने वाले व्यक्ति होंगे जिन्हित। टेंडर प्रक्रिया को बाधा पहुंचाने वाले संवेदक होंगें ब्लैक लिस्ट। टेंडर मैनेज करने वाले विभिन्न राजनितिक पार्टी के सात लोग पर प्रशासन की नज़र। टेंडर पेपर वापस लेने वाले संवेदक को नया कार्य आवंटित नहीं किया जायेगा। टेंडर पेपर वापस लेने का दबाव बनाने वाले सम्बन्धित संवेदक पर कानूनी कार्रवाई होगी।
बजरंग साहु, सूरज साहु और काजल प्रधान पर घटना में संलिप्त प्रतीत होने पर अनुमंडल पदाधिकारी नें थाना प्रभारी को लिखित शिकायत दिया है। निविदा डालने वाले स्थान में सीसीटीवी कैमरे लगाए जायेंगें। घटना के बाद से जिला प्रशासन सख्त कार्रवाई करने के मुड में।निविदा में गड़बड़ी होने पर एजेंसी पर भी करवाई की जा सकती है। सीसीटीवी की निगरानी में होगी टेंडर प्रक्रिया।
