बहुत से योजनाएं अधूरी पड़ी है।
योजनाओं के संचालन में भी प्रमुख और बीडीओ अपने मन मुताबिक बिना सहमति के चला रहे हैं और हमारे साथ भेदभाव कर रहे हैं। टोंटो प्रखंड में मात्र एक लाभुक समिति से पूरे प्रखंड का योजना चलाई जा रही है जो लूट का सबसे बड़ा सबूत है।जोन मिरन मुंडा ने कहा कि पंचायती चुनाव के बावजूद गांव में कोई विकास नहीं हो रहा है इसका मुख्य कारण है राज्य सरकार जानबूझ कर पेसा कानून लागू नहीं कर रही है।
क्योंकि अगर पेसा कानून के तहत पंचायत प्रतिनिधियों को अधिकार दिए जाएंगे तो अफसरशाही खत्म हो जाएगी जिससे गांव का बिकास दिखेगा। वर्तमान मे सभी पंचायत प्रतिनिधि रबड़ स्टाम्प की तरह काम कर रहे हैं। टोंटो प्रखण्ड में सभी योजनाएं कागज पर पुरा होता है और अफसर मालामाल हो जाता है। जिला परिषद में भी सिर्फ ठेकेदारी और कमीशनखोरी का काम होता है। गांव की सरकार स्थापित करने का आजतक कोई प्रयास नहीं हो रहा। सभी ने तय किया की 1 सितबंर को जिला परिषद में टोन्टो प्रखण्ड के पंचायत समिति सदस्य और ग्रामीण टोंटों प्रमुख और प्रखण्ड विकास पदाधिकारी के विरूद्ध प्रर्दशन किया जायेगा।
