सदर प्रखंड अंतर्गत ग्राम दुंबीसाई में अंतराष्ट्रीय आदिवासी दिवस के लिए बैठक का आयोजन।


चाईबासा/ Santosh Verma : सदर प्रखंड अंतर्गत ग्राम दुंबीसाई में अंतराष्ट्रीय आदिवासी दिवस के लिए बैठक का आयोजन हुआ। आज की बैठक में हो समाज के दर्जन भर बुद्दीजीवी और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। रमेश जेराई ने ग्राम वसीयों को पारम्परिक परिधान में सामूहिक रूप से शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। मुकेश बिरुवा ने पारम्परिक ज्ञान रखने वाले बुजुर्गों को विशेष सम्मान देने की बात कही। उन्होंने कहा की आज हमारे युवा 1.5 GB डेटा खत्म करने वाले समूह के रूप में जाने जा रहे हैं,और समाज के संस्कार संस्कृति की समझ से दूर होते जा रहे हैं। आज यदि हमारे युवक और युवतियों ने हमारे जन्म विवाह, मृत्यु के संस्कार संस्कृति, पर्व त्योहारों के धार्मिक और आध्यात्मिक अनुषठानों को नहीं जाना तो आने वाले समय में आदिवासी हो समाज के संस्कृति और अध्यात्म को बचाना मुश्किल हो जाएगा। इस बार हमलोग उम्मीद कर रहे हैं की युवा और युवतियाँ अपने समाज और सम्पूर्ण आदिवासी समाज की अगुवाई के लिए शारीरिक और मानसिक तौर पर तैयार होकर कर आएँगे। चैतन्य कुंकल ने लोगों को ख़ासकर महिला समूह को गाँव के लोगों को एकजुट करने के लिए प्रेरित करने की सलाह दिए। चंद्रमोहन बिरुवा ने कहा कि हमारा एकजुट होना आज मजबूरी भी है और जरुरी भी। मणिपुर के आदिवासियों पर हो रहे अत्यचार से हमलोग भी आक्रोशित हैं, और इस बार के आयोजन में हमें उसके प्रति भी आक्रोश ज़ाहिर करना है। हम समय रहते जागरूक नहीं हुए, तो कुड़मी लोग भी आदिवासी बन जाएँगे, और हमारे जल, जंगल और ज़मीन में हिस्सेदारी का दावा करेंगे। बहुत मुश्किल पैदा होगी। इसीलिए सभी कोई को एकजुट होकर आयोजन में हिस्सा लेना है। ग्रामीणों ने एकजुट होकर अंतराष्ट्रीय आदिवासी दिवस आयोजन में भाग लेने की बात कही और उस दिन ग्राम दुंबीसाई में खेती बारी से सम्बंधित कार्य बंद रखा जाएगा। आज की बैठक में सुषमा बिरूली, राखी गोप, जांबी कुदादा, बुधराम कुदादा, रूपनारायण, कदम देवगम, हिरामनी देवगम, डेज़ी हेम्बरम, सागर गोप, रंदाय होनहागा, आशा देवगम, कमल किशोर हेम्बरम, तुलसी हेम्बरम, सुनीता गोप, सत्य अमृता देवगम आदि काफ़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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