चाईबासा/Santosh Verma : आई. क्यू. ए. सी. महिला कॉलेज चाईबासा और करीम सिटी कॉलेज जमशेदपुर के तत्वावधान में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन क्या गया। इस एक दिवसीय कार्यशाला का मुख्य विषय शिक्षा में नाट्य कला की भूमिका रखा गया था। इस वर्कशॉप में डॉ पी.के.पाणी फाइनेंस ऑफिसर सह नैक समन्वयक कोल्हान विश्वविद्यालय तथा करीम सिटी कॉलेज के प्राचार्य डॉ मोहम्मद रियाज ऑनलाइन मोड पर जुड़े। इसके अतिरिक्त शिवलाल सागर (सीनियर फेलोशिप अवार्ड) मुख्य वक्ता के रूप में रहे।प्राचार्य डॉ प्रीतिबाला ने अपने स्वागत भाषण के द्वारा सबका स्वागत एवं अभिनंदन किया।
प्राचार्य मोहम्मद रियाज ने बंगाली रंगमंच की जानकारी दी। डॉ पी के पाणी ने सभी को संबोधित किया।
उन्होंने भरतमुनि, पाणिनी तथा अरस्तु के द्वारा बताए गए नाट्यकला का विवरण प्रस्तुत किया उन्होंने नाट्यकला के विभिन्न तत्वों की जानकारी दी। उन्होंने कहा नाटक संवेदना की अभिव्यक्ति है।तत्पश्चात प्रोफेसर धनंजय कुमार ने मुख्य विषय का परिचय दिया। शिव लाल सागर ने कार्यशाला में नाटक और रंगमंच की उत्पत्ति तथा जीवन में इसे साकार कैसे करना है इसके बारे में बताया। उन्होंने बताया कला क्या है और इसकी शिक्षा में क्या उपयोगिता है।
अंत में उन्होंने थिएटर गेम के द्वारा एक विषय का निर्माण किया। धन्यवाद ज्ञापन बी एड विभागाध्यक्ष मोबारक करीम हाशमी ने किया। मंच संचालन डॉ अर्पित सुमन टोप्पो ने किया।इस अवसर पर डॉ सुचिता बाड़ा, मनीषा बिरूआ, माधुरी रूप कला, सुजाता किस्पोट्टा ,बबिता कुमारी, सितेंद्र रंजन सिंह, मदन मोहन मिश्रा और बी.एड. सेमेस्टर वन की छात्राएँ उपस्थित थीं।

