उक्त कार्यक्रम के दौरान बाल संरक्षण के विषय पर जिलास्तरीय प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा
चाईबासा ( संतोष वर्मा ) : पश्चिमी सिंहभूम जिला शहर चाईबासा स्थित सैफरन होटल के सभागार में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त अनन्य मित्तल के अध्यक्षता में बाल विवाह तथा बच्चों के खिलाफ हिंसा समाप्त करने हेतु जिला समाज कल्याण कार्यालय तथा यूनिसेफ के संयुक्त तत्वाधान पर आयोजित आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम(31 जुलाई-03 अगस्त-23) का शुभारंभ किया गया। उक्त कार्यक्रम के दौरान बाल संरक्षण के विषय पर जिलास्तरीय प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों के प्रति हिंसा का रोकथाम, उनका संरक्षण व अधिकारों के प्रति जन जागरूकता हेतु जिलास्तरीय टीम का गठन किया जाना है।
उक्त के निमित्त उपायुक्त द्वारा बताया गया कि इस सत्र में जिले के सभी थाने के बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षक, पैरा लीगल वालंटियर, बाल कल्याण समिति, बाल संरक्षण इकाई तथा गैर सरकारी संस्थान के प्रतिनिधियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है तथा इनके द्वारा बाल सुरक्षा से जुड़ी अधिनियमों को समुदाय स्तर पर प्रचारित करने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बाल सुरक्षा से संबंधित अधिनियम के बारे में जनप्रतिनिधियों को अवगत करवाने का निर्देश दिया गया है। उपायुक्त ने कहा कि
जिला प्रशासन क्षेत्र को बालश्रम मुक्त तथा बाल सुरक्षा हेतु उत्कृष्ट जिला बनाने हेतु लगातार प्रयासरत है।
प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य विकास दोदराजका के द्वारा उपस्थित जनों को बच्चों के अधिकार से जुड़ी कानून और संरक्षण से संबंधित जानकारी सहित जिला अंतर्गत बच्चों के हित में काम करने वाले बाल संरक्षण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई, जे.जे.बी, सी.सी.आई होम आदि की भूमिका के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया। इस दौरान सत्र में उपस्थित यूनिसेफ की स्टेट रिसोर्स पर्सन चाइल्ड प्रोटेक्शन स्पेशलिस्ट श्रीमती प्रीति श्रीवास्तव के द्वारा मिशन वात्सल्य के बारे में हितधारकों को अवगत करवाते हुए बच्चों के हितों के लिए सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रम यथा फोस्टर केयर, स्पॉन्सरशिप से जुड़ी बातों को साझा किया गया।
प्रशिक्षण उपरांत गठित जिलास्तरीय टीम के माध्यम से प्रखंड स्तर पर सभी सरकारी तंत्र/विभागों, पंचायती राज प्रतिनिधियों तथा आम ग्रामीण जनता को बाल हिंसा व इसके रोकथाम तथा बाल संरक्षण से जुड़े मुद्दों से अवगत करवाया जाएगा, ताकि विपरीत परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों को सही समय पर उचित संरक्षण प्राप्त हो सके तथा ऐसे बच्चे भविष्य में कभी भी बाल तस्करी, नशाखोरी, बाल विवाह, बाल श्रम आदि का शिकार ना हो पाए।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहायक समाहर्ता सुश्री श्रुति राजलक्ष्मी, जिला भू अर्जन पदाधिकारी एजाज अनवर, पुलिस उपाधीक्षक(मुख्यालय) सुधीर कुमार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती अनीषा कुजूर, डीपीएमयू से सुश्री रेखा नायक सहित अन्य उपस्थित रहे।



