राज्यपाल को लिखा शिकायत पत्र, मामले की जांच कराने का किया मांग, भ्रष्टाचार पर लगे लगाम व सीएस के नाम हो रही कमीशन वसूली पर लगे रोक।
चाईबासा ( संतोष वर्मा ) : झारखण्ड राज्य भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति के अध्यक्ष प्रो गणेश प्रसाद नें
महामहिम राज्यपाल को पत्र लिखकर मुख्य अभियंता, ग्रामीण विकास विशेष प्रक्षेत्र, रांची में व्यापक पैमाने में निविदा निष्पादन में अनियमितता बरते जाने की जांच कराने का मांग किया गया है।इस दौरान गणेश प्रसाद नें राज्यपाल को पत्र लिखकर बताया है कि झारखंड राज्य में इन दिनों विकास योजनाओं में कमीशन वसुली करने का मामला जोरों पर है, जिसे कहा जा सकता है कि यह एक तरह का कमीशन वसुली कुटीर उद्योग बन चुका है। विदित हो कि छः माह पूर्व राज्य के चर्चित और विभाग के चहेते मुख्य अभियंता बीरेंद्र राम को योजनाओं के निविदा में संवेदकों से सीएस के नाम पर कट मनी के रूप में वसूली कर करोड़ों की सम्पत्ति अर्जित करने के आरोप में जेल में बंद हैं। ईडी के द्वारा करोड़ों की अवैध सम्पत्ति अर्जित किए जाने का मामला में जांच की जा रही है। वर्त्तमान समय में आज भी मुख्य अभियंता का कार्यशैली पूर्व की घटना को याद दिला रही है। मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना एवं प्रखण्ड भवनों का लगभग डेढ़ सौ योजना से अधिक योजनाओं का सीएस को कमिशन वसूली में विलम्ब होने के कारण लटका कर रखा गया है। जब प्रमण्डल स्तर से निविदा की सम्पूर्ण जांच कर ली गई है, तब निविदा का निष्पादन क्यों नहीं हो रहा हैं, यह बड़ा सवाल है, जिसकी जांच जनहित में आवश्यक है। चार माह से संवेदक को कार्य आवंटित नहीं किया जाना, समझ से परे है। साल में यह चार महीना कार्य करने का बहुत ही उपयोगी जिसे मुख्य अभियंता ने कमीशन वसुली के चक्कर में लटका दिया है या कहें कि काम करने का समय को बरबाद कर दिए हैं। मुख्य अभियंता कार्यालय में सीएस देख रहे सहायक अभियंता अपने मोबाइल से फेस टाईम, टेलीग्राम ऐप, वॉट्स ऐप से संवेदकों से सीएस यानी कार्य आवंटित किए जाने के नाम पर वसुली किए जाने की भी केन्द्रीय एजेंसी से जांच कराने की आवश्यकता है। ग्रामीण विकास विशेष अंचल के अधीक्षण अभियंता अवधेश कुमार चार अंचल के प्रभारी हैं, इनके भ्रष्ट कार्यशैली के कारण समय पर निविदा का निष्पादन नही होता है, अवधेश कुमार मुख्य अभियंता प्रिय पात्र में से एक हैं, जिसे चार अंचल का प्रभारी बनाया गया है, किस कारण से एक अभियंता को चार अंचल का प्रभारी बनाया गया है, कहा गया कि यह भी जांच का विषय है। महामहिम मैं यह भी इस पत्र में उल्लेख करना चाहता हूं कि इससे पूर्व सुरेन्द्र कुमार सात साल मुख्य अभियंता लघु सिंचाई प्रक्षेत्र, रांची में पदस्थापित रहे हैं और अपनी ऊंची पहुंच, पैरवी के बल पर पुनः वर्क्स में ही मुख्य अभियंता ग्रामीण विकास विशेष में पदस्थापन कराने में सफल रहे हैं। बीरेंद्र राम के जेल जाने के बाद भी सीएस अनुमोदन पर कमीशन वसुली का खेल खत्म नहीं हुआ है। प्रमंडल से जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद समय पर निविदा का निष्पादन नही होना जांच का आधार बनता है। महामहिम से आग्रह काया है की जनहित में राज्य को भ्रष्ट मुक्त वातावरण बनाए रखने के लिए लम्बित निविदाओं की समय पर सीएस नही किए जाने की जांच कराने की कृपा करें।
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