कोरोणाकाल से ही झारखंड में खैनी, गुठका के बिक्री पर लगा है प्रतिबंध
चाईबासा ( संतोष वर्मा ) : ।जब राज्य में कोरोनाकाल से ही खैनी गुठका के बिक्री पर प्रतिबंध लगा हुआ है तो किसके आदेश पर कोलहान प्रमंडलीय पश्चिमी सिंहभूम जिला चाईबासा मेंं बे रोक टोक के खैनी व गुटका की बिक्री धड्डले से चल रही है।इधर बुधवार को झारखंड कामगार मजदुर युनियन के अध्यक्ष के द्वारा पश्चिमी सिंहभूम जिला श्रम अधिक्षक व अधिक्षक, उत्पाद विभाग प० सिंहभूम को पत्र लिख कर जिले में चल रहे अवैध रूप से झारखंड खैनी छाप के कारखानों की जांच करने का मांग किया है। साथ ही कहा गया है कि झारखण्ड छाप खैनी का अवैध कारोबार एवं मजदूरों को बन्धुवा मजदूरों की तरह काम लेने का मामला भी सामने आया है।
मांग पत्र के माध्यम से यूनियन का कहना है कि हमें गुप्त रूप से जानकारी प्राप्त हुआ था कि ग्राम कातिगुटु पंचायत- तमाड़बाँध + दुड़ी प्रखण्ड सदर में झारखण्ड छाप खनी का अवैध कारोबार हो रहा है तथा काम करने वाले मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी का भुगतान नहीं हो रहा है और बन्धुवा मजदूरों की तरह काम कराया जाता है। दिनांक 20 जूलाई को मैं अपने साथियों के साथ कार्य स्थल पर गया तो गेट पर अन्दर से ताला लगा हुआ था। जब हमलोग खोलने के लिए आवाज लगाए तो नहीं खोला जा रहा था। हमलोग अपना परिचय युनियन नेता के रूप में कहा तो गेट को खोला गया। अन्दर देखा तो सैकड़ों मजदूर बिना मास्क लगाए काम कर रहा था और पूछताछ करने पर हाजरी कार्ड पी०एफ० रसीद, पहचान पत्र, बोनस सुविधा नहीं होने और काम का मजदूरी दर 5. 90 रू0 पैकेट करने से 2.50 रू0 और 10.00 रू पैकेट बनाने में 280 रू0 दिया जा रहा है। इसके अलावा मजदूरों को ज्यादा बोलने वालों को काम से बैठा देते हैं।
सवाल उठता है कि प० सिंहभूम जिला में चाईबासा शहर के ग्राम- कातिगुटु पंचायत- तमाड़बाँध + गुदड़ी प्रखण्ड सदर में झारखण्ड खैनी तम्बाकु का निर्माण हो रहा है। क्या ये सरकार द्वारा उत्पादन करने का लाईसेंस ले रखा है। क्या उन्हें प्रदूषण नियंत्रण संबंधी कागजात प्राप्त है। अगर इस कम्पनी को सरकार द्वारा लाईसेंस प्राप्त है तो इनके अन्दर कितने मजदूर कार्यरत हैं और क्या इन का कार्यालयारों को पी०एफ० रसीद वेज स्लीप देते हैं ।
चाईबासा शहर में झारखण्ड छाप खैनी कारखाना का जाँच किया जाय।
बताक नियम विरूद्ध हो रहे काम पर रोक लगाया जाए एवं मजदूरों को बन्धुवा मजदूर की तरह काम ना लेकर
उनका हक अधिकार को दिलाया जाए।
