जेएलएन कॉलेज में नामांकन के लिए चांसलर पोर्टल में हो, कुड़माली और कुडुख को जोड़ने की मांग - कोल्हान यूथ फाइटर्स के तत्वावधान में छात्रों ने कुलसचिव को सौंपा ज्ञापन


  चाईबासा ( संतोष वर्मा ) :   कोल्हान यूथ फाइटर्स के तत्वधान में मंगलवार को कोल्हान विश्वविद्यालय छात्र संघ के प्रतिनिधिमंडल समेत क्षेत्रीय एवं जनजातीय भाषा के सैकड़ों छात्रों ने मिलने कोल्हान विवि पहुंचे हुए थे. छात्रों ने जवाहरलाल नेहरू कॉलेज चक्रधरपुर समेत कोल्हान विश्वविद्यालय से अंगीभूत महाविद्यालयों में हो एवं कुड़माली विषय में नामांकन के लिए चांसलर पोर्टल खोलने एवं तारीख विस्तारित करने के संबंध में कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलसचिव को मांग पत्र सौंपा. हो एवं कुड़माली छात्रों का कहना है कि जेएलएन कॉलेज चक्रधरपुर समेत कोल्हान विश्वविद्यालय से अंगीभूत महाविद्यालयों में स्नातक में नामांकन के लिए चांसलर पोर्टल खुला हुआ है. जिसका अंतिम तिथि 12 जुलाई है. परंतु अभी तक हो और कुड़माली विषय का विकल्प नहीं दिख रहा है. जवाहरलाल नेहरू कॉलेज चक्रधरपुर आदिवासी बहुल इलाके में स्थित है. 

यह क्षेत्र का एकमात्र कॉलेज है जहां जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा हो एवं कुड़माली की पढ़ाई रांची विश्वविद्यालय के समय से ही चल रही है. इसके अतिरिक्त कोल्हान विश्वविद्यालय से अंगीभूत ऐसे महाविद्यालयों जिसमें पूर्व से हो एवं कुड़माली विषय की पढ़ाई निरंतर जारी थी. पर चांसलर पोर्टल में विकल्प नहीं आ रहा है. छात्रों ने केयू के सभी कॉलेजों में हो एवं कुड़माली विषय में नामांकन के लिए चांसलर पोर्टल खोलने के साथ-साथ तारीख विस्तारित करने की मांग की है. कुलसचिव ने मामले को त्वरित संज्ञान में लेते हुए जवाहरलाल नेहरू कॉलेज में नामांकन के लिए चांसलर पोर्टल में हो, कुड़माली और कुडुख भाषा को जोड़ने का निर्देश दिया है. 

कुलसचिव ने अन्य महाविद्यालयों में इसके जांच के आदेश दिए हैं. अन्य मांगों पर जल्दी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया. प्रतिनिधिमंडल के रूप में छात्र नेता बसंत महतो, वासिल हेंब्रम, राकेश कुमार महतो, रामजन हांसदा, रवि महतो, दीपक महतो, समीर महतो, नीतू जोंको, जोंगा हेंब्रम, आसाई जोंको समेत सैकड़ों विधार्थी उपस्थित थे.

अन्य प्रमुख मांगें

- स्नातक में नामांकन के लिए निर्धारित अंतिम तिथि 12 जुलाई को विस्तारित किया जाए.

- सभी महाविद्यालयों में जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के लिए सृजित पद के लिए घंटी आधारित शिक्षकों की      नियुक्ति एवं जिन पदों का सृजन नहीं हुआ है उनके लिए कोल्हान विश्वविद्यालय द्वारा जारी पत्र के आलोक     में वित्त समिति के द्वारा लिए गए निर्णय के आधार पर अस्थायी अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की जाए.
- कोल्हान विश्वविद्यालय के जिन महाविद्यालयों में पूर्व से जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं की पढ़ाई होती थी   उसे निरंतर जारी रखा जाए.
- जिस विषय में विद्यार्थी नहीं हैं उनके सृजित पद को खत्म किया जाए.
- टीआरएल डिपार्टमेंट में सृजित पदों पर त्वरित घंटी आधारित शिक्षकों की नियुक्ति किया जाए.
- कोल्हान विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित महाविद्यालयों में निरंतर वृहद पैमाने पर परीक्षाओं में नकल की सूचनाएं प्राप्त होती रही है. निरीक्षण के दौरान पाया गया है कि यह सच है. महाविद्यालय प्रबंधन द्वारा इस पर लगाम लगाया जाए. परीक्षाओं के संचालन के दौरान संबंधित प्रशासनिक पदाधिकारी निरंतर औचक निरीक्षण पर आए.

Post a Comment

Do live your Comments here! 👇

Previous Post Next Post