चाईबासा ( संतोष वर्मा ) : ग्रामीण विकास विभाग विशेष प्रमंडल चाईबासा के प्रमंडलीय रोकड़ पाल भावनाथ सिंह बीटी सिंह के गिरफ्तारी के बाद सीर्खियों में है विभाग। वहीं ग्रामीण संवेदक संघ के अध्यक्ष शुनिल सिरका के द्वारा प्रहार किये जाने पर ग्रामीण विकास विभाग विशेष प्रमंडल चाईबासा के कार्यपालक अभियंता जितेंद्र पासवान से पुछे जाने पर कहा गया कि डिस्पैचकर्मी मनोज यादव को 158 योजना का फाईल मैन पावर की कमी के कारण दिया गया है, जबकी प्रमंडलीय रोकड़ पाल बीटी सिंह पूर्व से इस पद पर पदस्थापित है, जबकी गिरफ्तार बिटी सिंह वास्तविक में स्टोर किपर के पद पर पदस्थापित है।
ज्ञात हो कि विशेष प्रमंड में तीन तीन रोकड़ पाल पहले से है,लेकिन बिटी सिंह को प्रमंडलीय रोकड़ पाल बनाया जाना भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने जैसे बात है।साथ ही यह भी कहा गया कि वैसी कोई बात नहीं है।
अब सवाल यह उठता है कि यदी मैन पावर की कमी है तो किया डिस्पेचकर्मी को अभियंता बना दिया जायेगा और जो पूर्व के पदाधिकारी यदी गलत कर रहें थे तो वर्तमान पदाधिकारी भी वही गलती को दोहराएगें।
हलांकि इन दिनो डीडीसी कार्यालय में भी दो वैसे अनुबंधकर्मी है जिसे रोकड़पाल जिम्मैवारी दी गई है जबकी वे अनुबंधकर्मी का भी वास्तविक पद कुछ और है।
