मौके पर निदेशक ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान फास्ट फूड के विशेषज्ञ द्वारा बताए जाने वाले मौखिक एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में फास्ट फूड एक फैशन परक आवश्यकता है ।इसे व्यवसाय के अपनाकर अच्छी आमदनी किया जा सकता है। जिससे परिवार को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
मौके पर संस्थान के विजय कुमार राम,शांति ओझा विक्रम बानरा सुशीला कारवा बेलमती तियू समेत काफी संख्या में महिला व पुरुष प्रशिक्षणार्थी उपस्थित थे।
