चाईबासा ( संतोष वर्मा ) : पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो प्रखण्ड के लिसिया स्थित कस्तुरबा गाँधी आवासीय विधालय मे घोर लफरवाही हुई है। जिसमे 8वाँ की छात्रा ने धम तोड़ दिया। बताते चले कि ग्राम मृगलीडि की छात्रा लुदूरी हेम्ब्रम (15) ने गर्मी छुट्टी के बाद वापस 16 जून को माँ पहुचा दी जाती है। वही 17 जून रात्रि से ताबियत खराब हुई, ताबियत खराब होने की जानकारी वार्डेन दी जाती है, वार्डेन ने इस पर कोई गम्भीर नही दिखाई, वही परिजनों को फोन पर जानकारी देने के लिए कहती है, पर वार्डेन के फोन नही लगने की जानकारी दी। एसे ही देखते — देखते छात्रा की ताबियत काफी खराब हुई।
सहेलियों द्वारा पानी पिलाना, खाना खिलाना का ध्यान रखा जा रहा था, बुधवार रात को जब हाॅस्टल मे ही छात्रा काफी शितल हो गई, वार्डेन द्वारा अस्पताल ले जाने के लिए हाॅस्टल का एम्बुलेंस चालक गुलशन को काॅल लगाते है, उन आउठ आँफ कवरेज बताता है, साथ ही 108 को फोन किया पर कोई सफलता नही मिली, दुसरे दिन गुरूवार को जाकर अस्पताल ले जाने की तैयारी शुरू हुई, जैसे ही एक बजतें—बजतें छात्रा वही दम तोड़ देती है। ये सहेलियों द्वारा आखो देखा हाल है, कानून से बचने के लिए सदर अस्पताल ले जाते है, अखबार रिपोर्ट के अनुसार डाॅक्टर ने जबाव दिया तीन घंटे पूर्व ही मृत्यु हो चुकी है, हाँ ये सही मामला है।
क्या कहती है सहेली -
अनिति हेम्ब्रम, छात्रा
> रोते—रोते बोली समय पर ईलाज किया गया होता तो शायद लुदरी बच जाती। लुदरी कि बीमार होने की जानकारी प्रियंका मैडम को दी गयी, प्रियंका ने पेट दर्द या सर दर्द का कोई दवा खिला दिया गया, लुदरी बार—बार पानी मांग करने लगी! हमलोग पिलाते रहे, गुरूवार को ठीक 12 बजें लुदरी की आँखे बड़ा—बड़ा होने लगा, साथ ही बोली तोतलापन होने लगा, कुछ ही देर मे दम तोड़ दी, वाबजुद वार्डेन ने बेहोश होने बात बता रही थी, एम्बुलेंश निकालकर सदर अस्पताल ले जाया गया, वही मृत घोषात किया गया - अनिति हेम्ब्रम, 8वी का छात्रा।
सुनिता खण्डाईत, छात्रा।
> लुदरी 15 जून गुरूवार को कस्तुरबा आयी, पूर्व मे सब कुछ ठीक था, वही 17 जून रात्रि से ताबियत खराब हुई, घर वालो के पास छबर भेजने के लिए वार्डेन को बोली गयी थी, पर फोन नही लगने की बात बताई, लुदरी की बीमार होने पर वार्डेन की ओर से जरा से भी अस्पताल ले जाते के लिए कुछ नही बोली, जिस कारण लुदरी की मृत्यु हो गयी - सुनिता खण्डाईत, 8वी का छात्रा।
मृतक की मां
> मेरी पति दुना हेम्ब्रम चार साल पूर्व ही मृत्यु हो गया, जिसमे दो बेटी व दो बेटा के साथ रह रही हुँ, एक बेटी की शादी हुई, ये सबसे छोटी बेटी है, विधवा होकर भी बेटी का इच्छा पुरा कर रहे थे, गुरूवार को ही स्कूल पहुचा दिये, तब तक सब कुछ चल रहा था, मुझे बेटी का ताबियत खराब होने की कोई जानकारी नही मिली, वही गुरूवार को अचानक ताबियत खराब होने की खबर किसी के माध्यम से मिली, जाने के शादन खोजने निकले तब तक मे मृत्यु होने की खबर मिली, सही समय पर खबर मिलती तो शायद बेटी को बचा लेती - लुदरी की माँ।
> बच्चों द्वारा लुदरी बीमार होने का कोई जानकारी नही मिली, बच्चे ऐसे मामले को बहुत देर से बताते है, जब ज्यादा ही खराब होती है तब, ऐसे कडिशन मे तत्काल रात को कोई सुविधा नही मिलती, एक तो एम्बुलेंश चालक घर चले जाते है, 108 को फोन किया पर नही आया, किसी तरह सुबह हुई, गुरूवार को हाँस्टल का एम्बुलेंश से सदर अस्पताल ले गये, डाॅक्टर ने मृत घोषित कर दिया, मेरी ओर से कोई लफरवाही नही हुई है, भरपुर प्रयास किये पर नही बचा सके लुदरी को - अनिता कुमारी, वार्डेन, टोंटो लिसिया।





