चाईबासा ( सन्तोष वर्मा ) : जिला समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला कौशल विकास समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में जानकारी दिया गया कि JSDMS के द्वारा जिले के 11 प्रखंडों में बिरसा योजना के तहत कौशल केंद्र खोले जाने हैं। यह वैसे प्रखंड हैं, जिनमें किसी अन्य योजना के तहत कौशल केंद्र नहीं उपस्थित हैं। उसके बाद कौशल केंद्रों में दी गयी प्रशिक्षण से संबंधित डाटा दिखाया गया जिसमें जिला उपायुक्त के द्वारा निर्देश दिया गया की जिन विद्यार्थियों का वर्तमान में प्रशिक्षण जारी है, उनका डाटा को अलग से दिखाया जाए।
आईटीआई चाईबासा से आए प्रतिनिधि के द्वारा जानकारी दिया गया कि आईटीआई परिसर के भीतर सड़क निर्माण की वजह से छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जिस पर उपायुक्त ने कार्रवाई करने हेतु आश्वासन दिया। नौकरी के लिए बाहर गए बच्चे कैसे उस नौकरी में टिके रहें तथा वापस नौकरी छोड़ ना आये इस पर उपायुक्त के द्वारा चर्चा किया गया तथा आईटीआई जगन्नाथपुर एवं ऐसीसी स्किल सेंटर के छात्रों के अवधारण को लेकर उपायुक्त के द्वारा उनकी प्रशंसा की गई तथा अन्य कौशल प्रशिक्षण केंद्रों को उनके रणनीति को अपनाने हेतु निर्देशित किया गया।
बैठक में आईटीआई जगन्नाथपुर के प्रतिनिधि के द्वारा जानकारी दिया गया कि आईटीआई जगन्नाथपुर में प्रशिक्षण प्राप्त किए दो छात्र मनजीत देवगम और अनीश पान का चयन भीएससी स्टील लिमिटेड हॉन्गकॉन्ग में उच्चतम सैलेरी पैकेज में किया गया है। जो ज़िले के लिए बेहद गर्व की बात है।
बैठक में मुख्य रूप से जिला कौशल पदाधिकारी जिला कल्याण पदाधिकारी एमजीएनएफ चाईबासा, आईटीआई चाईबासा एवं आईटीआई जगन्नाथपुर, ऐसीसी, सैल, टाटा स्टील के प्रतिनिधि तथा जिले के सभी कौशल सेवा केंद्र के प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।


