आजसू के संस्थापक और घाटशिला के पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा नें राज्य के मुख्य सचिव से चाईबासा के डीडीसी संदीप बक्शी को फर्जी एसटी सर्टिफिकेट पर नौकरी करने को लेकर नौकरी से बर्खास्तगी की मांग की।


चाईबासा ( संतोष वर्मा ) : आजसू के संस्थापक और घाटशिला के पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा ने झारखंड के मुख्य सचिव को पत्र लिख कर चाइबासा के डीडीसी संदीप बक्शी को फर्जी एसटी सर्टिफिकेट पर नौकरी करने को ले कर नौकरी से बर्खास्तगी की मांग की है। श्री बेसरा ने अपने पत्र में 6 बिंदों पर मुख्य सचिव को जानकारी देते हुए सेवा से बर्खास्तगी करने की मांग की है। 

पत्र में झारखंड उच्च न्यायालय के महाधिवक्ता का पत्र भी संलग्न किया है, जिस में कोर्ट के अवमानना किए जाने पर नूरी कुंकल के द्वारा दायर याचिका के बाद कास्ट स्क्रुटनी कमिटी के सभी सदस्यों को नोटिस जारी किया गया था। ज्ञात हो कि इसके पूर्व में पश्चिमी सिंहभूम जिला के डीडीसी संदीप बक्शी पर एसटी कोटा में नौकरी करने का मामला फिर से एक बार आजसू पार्टी के जिला अध्यक्ष रामलाल मुंडा ने अपने पार्टी के केन्द्रीय अध्यक्ष सह सिल्ली के विधायक के द्वारा इसी सत्र में विधानसभा में बात उठाने के लिए आग्रह किए हैं,
जिस पर सुदेश महतो ने रामलाल मुंडा को पूरी तरह से भरोसा दिलाते हुए कहा है कि सदन में इस मामला को रखेंगे, यदि सरकार चर्चा नही करती है तो अविश्वास प्रस्ताव लायेंगें।


गौरतलब है की वर्ष 2021 में डीडीसी का एसटी कोटा में नौकरी करने का मामला हो आदिवासी महा सभा, मनकी मुंडा संघ, जेएमएम के जिला सचिव श्री सोना देवगम, जदयू के जिला अध्यक्ष विश्राम मुंडा के साथ साथ झारखंड राज्य भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति के प्रदेश अध्यक्ष श्री गणेश प्रसाद ने कास्ट स्क्रुटनी कमिटी, झारखंड के अध्यक्ष सह आदिवासी कल्याण आयुक्त, कार्मिक विभाग के प्रधान सचिव, मुख्य सचिव को पत्र के माध्यम से सामान्य जाति के पिता का पुत्र को एसटी सर्टिफिकेट के आधार पर एसटी कोटा में नौकरी करने का जोरदार रूप से शिकायत दर्ज कराया जा चुका है। 

सूत्रों के अनुसार मंझारी प्रखंड का निवासी सामाजिक कार्यकर्ता श्री नूरी कुंकल के द्वारा संदीप बक्शी वर्सेज झारखंड सरकार के चल रहे केस में न्यायालय की आमना को ले कर पिटीशन दायर किया गया था, जिस पर बहस, सुनवाई भी हुई थी, कोर्ट के द्वारा कास्ट स्क्रुटनी कमिटी को पुनः 6 सप्ताह में रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश हुआ था, फिर अचानक से नूरी कुंकल के द्वारा उक्त केस से अपने आप को हटा लिए, जो आज तक समझ से परे है। अब देखना है की इस मामला में आजसू पार्टी जिला से राज्य तक झारखंड के इस अति संवेदनशील मामला को कहां तक ले जाने में सफल होते हैं। इतना जरूर है कि यह मामला झारखंड के आदिवासी समुदाय से जुड़ा मामला है। श्री रामलाल मुंडा इस मामला को राज्यपाल को भी पत्र लिखें हैं, साथ ही मुख्य सचिव, कार्मिक विभाग, आदिवासी कल्याण आयुक्त को भी प्रतिलिपि दिए हैं।

पत्र में कास्ट स्क्रुटनी कमिटी के सभी सदस्यों को कटघरे में खड़ा कर दिए हैं। 
श्री मुंडा ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया है कि सेवा निवृत होने तक न्यायालय में रिर्पोट नही जमा करने का सांठ गांठ कास्ट स्क्रुटनी कमिटी के सदस्यों के साथ किया गया है।झारखंड के आदिवासी समुदाय का सम्पत्ति, संस्कृति को बचाने और जल, जंगल, जमीन, की रक्षा के लिए श्री संदीप बक्शी का एसटी सर्टिफिकेट रद्द करने, माननीय उच्च न्यायालय का लगातार अवमानना किए जाने की चांच की मांग कियें हैं।

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