आसेका मैदान में आयोजित सोहराय मिलन में दिखी संथाली समाज की अद्भुत संस्कृति

मुसाबनी (गणेश प्रसाद) : आसेका टेटा बादिया शाखा द्वारा आसेका फुटबाॅल मैदान में रविवार को सोहराय मिलन कार्यक्रम का आयोजन धूमधाम से किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आए किसानों ने अपने-अपने काड़ा (भैंसा) बैलों को गोरू खुंटाव प्रतियोगिता में नचाने के लिए लाए थे।  रीति-रिवाज के साथ क्षेत्र में खुशहाली के लिए ग्राम देवता की पूजा-अर्चना की गई। मुख्य अतिथि सहित आसेका शाखा के सभी सदस्यों ने पंडित रघुनाथ मुर्मू की प्रतिमा पर फूलमाला चढ़ाकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक रामदास सोरेन ने कहा कि सोहराय मिलन ।

                                        
बाइट संबोधित करते विधायक रामदास सोरेन



आदिवासी समाज की संस्कृति एवं परंपरा है। इसे बरकरार रखना समाज के लोगों का फर्ज बनता है। यहां आने से हमें खुशी मिलती है। समाज को एकजुट रखने के लिए ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन होना बहुत जरूरी है। समारोह को कान्हू सामंत ने भी संबोधित किया।


                                           
गोरू खूंटाव में अच्छा प्रदर्शन करने वाले काड़ा एवं बैल मालिक को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। 
                                           
प्रथम पुरस्कार ₹5501 धालभूमगढ़ के चाकरीपाड़ा निवासी लखन मुर्मु को, द्वितीय पुरस्कार ₹4001 सोनागड़ा के दुर्गा हांसदा को, तृतीय पुरस्कार 2501 घाघराकोचा के लखाई हेम्ब्रम को एवं चतुर्थ पुरस्कार ₹1001 डुमरिया तिरिलडीह के दुबराज हेम्ब्रम को प्रदान किया गया। इसके अलावा दर्जनों सांत्वना पुरस्कार भी बांटे गए।
कार्यक्रम को सफल बनाने में आसेका के अध्यक्ष धानु टूडू,दासमत टुडु, लालमोहन मुर्मू, खुदीराम टूडू, ईश्वर माहली ,बासेत मार्डी,श्याम बास्के, देवेन हांसदा, सचिव साधु हेंब्रम,सोहराय मिलन आयोजन समिति के अध्यक्ष खुदी राम हेम्ब्रम,फागु राम सोरेन,जीवन हेम्ब्रम आदि का अहम योगदान रहा।

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