लोकतंत्र की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं, मुख्य चुनाव आयुक्त जवाब दें: झामुमो

लोकतंत्र की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं, मुख्य चुनाव आयुक्त जवाब दें: झामुमो



वोट किसी सरकार, पार्टी या आयोग की संपत्ति नहीं  : सोनाराम देवगम 

चुनाव आयोग लोकतंत्र का हत्यारा है : झामुमो 

संतोष वर्मा

चाईबासा: झामुमो ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चल रही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता किसी भी राजनीतिक सत्ता से ऊपर होनी चाहिए। मतदाता सूची से जुड़े फैसलों में पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं, इसलिए आयोग को देश की जनता के सामने हर तथ्य स्पष्ट करना चाहिए। यह बातें आज झामुमो द्वारा आयोजित पुतला दहन कार्यक्रम में 

झामुमो के जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम ने पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा है. श्री देवगम ने कहा कि चुनाव आयोग का काम केवल चुनाव कराना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा करना भी है। यदि SIR की प्रक्रिया में किसी भी पात्र मतदाता का नाम हटता है या उसे अपने अस्तित्व और नागरिक अधिकार को साबित करने के लिए अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि Indian Express की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले दस महीनों में चुनाव आयोग के दो आयुक्तों ने SIR से जुड़े निर्णयों और आदेशों पर रिकॉर्ड में कम-से-कम 14 बार आपत्तियां दर्ज कीं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने इन खबरों के बाद कहा है कि SIR सहित सभी निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं। श्री देवगम ने कहा, “जब देश की चुनावी व्यवस्था पर जनता का विश्वास ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी पूंजी है, तब किसी भी प्रकार की पारदर्शिता की कमी की गुंजाइश नहीं हो सकती। मुख्य चुनाव आयुक्त को आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर प्रत्येक सवाल का तथ्यात्मक और सार्वजनिक जवाब देना चाहिए।”उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों द्वारा उठाए जा रहे सवालों को राजनीतिक शोर बताकर खारिज करने के बजाय चुनाव आयोग को बूथवार प्रक्रिया, नाम हटाने के आधार, आपत्तियों के निस्तारण और पात्र मतदाताओं की सुरक्षा से संबंधित पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। झामुमो ने मांग की कि SIR की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सत्यापन योग्य और नागरिकों के मताधिकार की संवैधानिक सुरक्षा के अनुरूप हो। पार्टी ने कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर जनता का विश्वास बनाए रखना केवल आयोग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की मूल आवश्यकता है।

श्री देवगम ने कहा कि “वोट किसी सरकार, पार्टी या आयोग की संपत्ति नहीं है। यह भारत के नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। किसी भी पात्र नागरिक को मतदाता सूची से बाहर होने का डर नहीं होना चाहिए। चुनाव आयोग को यह भरोसा अपने कार्यों से स्थापित करना होगा।”

उन्होंने कहा कि झामुमो लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता, पारदर्शिता और मताधिकार की सुरक्षा के लिए हर संवैधानिक मंच पर सवाल उठाता रहेगा।

मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को पदभार संभाला था और निर्वाचन आयोग स्वयं को चुनाव प्रक्रिया संचालित करने वाली स्वायत्त संवैधानिक संस्था बताता है। सोनाराम देवगम ने कहा कि ‘पूरा देश जानेश कुमार के कारनामों से वाकिफ, लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता को अपने सवाल उठाने और जवाब मांगने का पूरा अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज पूरा देश जानेश कुमार के कथित कारनामों से वाकिफ हो चुका है और उनके इस्तीफे की मांग उठ रही है। देवगम ने कहा कि जानेश कुमार को बिना टेंडर के किसी प्रकार का कार्य या जिम्मेदारी दिए जाने के मामले में भी स्पष्टता सामने आनी चाहिए। उन्होंने संबंधित मामले की निष्पक्ष जांच और पूरी जानकारी सार्वजनिक किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। जनता से जुड़े किसी भी निर्णय में नियम-कायदे और संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन होना चाहिए। इस मौके पर जिला  सचिव राहुल आदित्य,इक़बाल अहमद,रामलाल मुंडा,

अशोक दास,अकबर खान,चंद्रमोहन बोदरा,विश्वनाथ बारा,दीपक प्रधान,बाबू भटाचार्य,गणेश बोदरा,अघना कंडुलना,सतीश सुंडी,नवाज़ हुसैन,विजय बारी,जवाहर बोयपाई,बसीद इकबाल,मनोज लागुरी,मोझाहिद अहमद,सोमबारी बहंदा मंजीत कोड़ा,शहीद अहमद,बृन्दाबन गोप,लाला राउट, रमेश बिरुआ,अरविन्द कुंकल,दुर्गा चरण देवगम,नितेश माधव,मो०तवारक,मो० प्रिंच,बागुन सवाइयाँ,डुबलिया बारी,दामू बारी,जगदीश गोप,तुराम सुंडी,मन्नाराम कुदादा,राजू सुंडी,चंद्रमोहन देवगम,मोहन सुंबरुई,विजय सिंह पूर्ति,उदय चेरोवा,मनसुख हांसदा,अर्जुन सुनीता देवगम,शिला जमुदा,बसंती सुंडी,चिड़िया बुढ़िउली,हरिलाल कर्जी,प्रदीप तमसोय, भोला,बबलू,शेखर बारिक,कौशल सिन्हा, अर्जुन बनरा,जगदीश जमुदा, मुंडा,नितीश कच्चाप,तुरी कोड़ा,अमूल्य प्रधान,प्रीतम गुप्ता,कैरा सोय,शशि पूर्ति,भादो हांसदा,ताना हांसदा,कैलाश कलुंडिया,कैलाश सामाड,शारिक रजा,राजू प्रसाद,टुकना महतो,सम्राट प्रधान, जीतेन्द्र पूर्ति,राजकिशोर बोईपाई,कैरा कुंकल,नवाब अंसारी,सोमनाथ कुंकल,जयसिंह हेस्सा, सरवर नेहाल नज्जू,वसीम अकरम @हुस्सैन्,बंटी जुन्नैद, नयीम, केदार जायसवाल, बबलू गोडसोरा,बिरसा तियु आदि मौजूद थे.ञ

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