बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा, केसीसी ऋण प्राप्त किसानों का शत-प्रतिशत निबंधन सुनिश्चित करने का निर्देश
पश्चिमी सिंहभूम में अब तक 42,784 किसानों का हुआ निबंधन; गैर-केसीसी प्राप्त किसानों के लिए निबंधन की समय-सीमा समाप्त
संतोष वर्मा
Chaibasa ःपश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से संबंधित समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना के तहत किसानों के निबंधन, केसीसी ऋण प्राप्त किसानों की भागीदारी तथा डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, सहायक समाहर्ता सुश्री ईरा जोरवाल, जिला कृषि पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार, जिला सहकारिता पदाधिकारी श्रीमती अमिता कुमारी तथा अग्रणी बैंक प्रबंधक-बैंक ऑफ इंडिया विष्णु उपस्थित रहे। इसके अलावा जिले के सभी प्रखंडों के सहकारिता प्रसार पदाधिकारी, बीटीएम, एटीएम एवं किसान मित्रों ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में भाग लिया।समीक्षा के क्रम में बताया गया कि जिले में केसीसी प्राप्त एवं गैर-केसीसी प्राप्त कुल 42,784 किसानों का बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत निबंधन किया जा चुका है। बैठक में योजना के तहत किए गए निबंधन की प्रखंडवार प्रगति की भी समीक्षा की गई तथा संबंधित पदाधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त मनीष कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिया कि केसीसी ऋण प्राप्त सभी पात्र किसानों का शत-प्रतिशत निबंधन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि फसल बीमा योजना किसानों को प्राकृतिक आपदा एवं अन्य परिस्थितियों से होने वाली संभावित फसल क्षति के जोखिम से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की महत्वपूर्ण योजना है। इसलिए पात्र किसानों को योजना के दायरे में लाने के लिए संबंधित विभागों एवं बैंक अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
बैठक में बताया गया कि गैर-केसीसी प्राप्त किसानों के लिए फसल बीमा योजना के अंतर्गत निबंधन की निर्धारित समय-सीमा समाप्त हो चुकी है। ऐसे में अब विशेष रूप से केसीसी ऋण प्राप्त पात्र किसानों के निबंधन को प्राथमिकता देते हुए शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करते हुए शेष पात्र किसानों का निबंधन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने क्षेत्रीय स्तर पर कार्यरत सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों, बीटीएम, एटीएम एवं किसान मित्रों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सभी कर्मी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रियता से कार्य करें। बैंक एवं कृषि विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर केसीसी ऋण प्राप्त किसानों की सूची के आधार पर निबंधन कार्य की नियमित निगरानी की जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न रहे।
बैठक के दौरान डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों एवं मैदानी कर्मियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्यों में तेजी लाते हुए डिजिटल क्रॉप सर्वे का लक्ष्य यथाशीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र से संबंधित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए फसल एवं कृषि संबंधी सटीक और अद्यतन आंकड़ों का उपलब्ध होना आवश्यक है।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाए। सभी प्रखंडों में लंबित कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर क्षेत्रीय स्तर पर कार्यों की गति बढ़ाने तथा प्रगति प्रतिवेदन की सतत निगरानी सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।
बैठक में बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अब तक किए गए निबंधन की समीक्षा के साथ-साथ शेष केसीसी ऋण प्राप्त पात्र किसानों को योजना से जोड़ने और डिजिटल क्रॉप सर्वे के निर्धारित लक्ष्य को शीघ्र पूरा करने के लिए सभी संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों को जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने पर विशेष बल दिया गया।


