स्पॉन्सरशिप योजना से 32 बच्चों को मिलेगा बेहतर भविष्य का सहारा
उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में बैठक में नव चयनित लाभुकों के प्रस्ताव को मिली मंजूरी, 19 बालक एवं 13 बालिकाएं शामिल
संतोष वर्मा
Chaibasa ःपश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित प्रकोष्ठ में उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में स्पॉन्सरशिप योजना से संबंधित बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाल कल्याण समिति, पश्चिमी सिंहभूम से प्राप्त नव चयनित स्पॉन्सरशिप लाभुकों के प्रस्ताव पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बच्चों के भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत कुल 32 बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ प्रदान करने हेतु अनुमोदन दिया गया। अनुमोदित लाभुकों में 19 बालक एवं 13 बालिकाएं शामिल हैं। योजना के माध्यम से इन बच्चों को उनके बेहतर भरण-पोषण, शिक्षा एवं समुचित देखभाल के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके तहत पात्र बच्चों को ₹4,000 प्रतिमाह की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। यह आर्थिक सहयोग बच्चों की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ उनकी पढ़ाई-लिखाई को निरंतर जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बैठक के दौरान उपायुक्त मनीष कुमार ने स्पॉन्सरशिप योजना के तहत चयनित बच्चों को समय पर एवं नियमानुसार लाभ उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि लाभुक बच्चों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, बच्चों को मिलने वाली सहायता राशि का समुचित उपयोग उनकी शिक्षा, पोषण एवं आवश्यक देखभाल के लिए हो, इसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित, स्वस्थ एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। आर्थिक अभाव के कारण किसी बच्चे की शिक्षा प्रभावित न हो और उन्हें बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक सहयोग मिल सके, इसके लिए सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ पात्र बच्चों तक पहुंचाना आवश्यक है।स्पॉन्सरशिप योजना के माध्यम से जरूरतमंद एवं पात्र बच्चों को आर्थिक सहयोग प्रदान कर उन्हें परिवार के साथ सुरक्षित वातावरण में रहने, शिक्षा प्राप्त करने तथा बेहतर जीवन की दिशा में आगे बढ़ने में सहायता दी जाती है। योजना से मिलने वाली मासिक सहायता बच्चों की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ उनके सर्वांगीण विकास में भी सहायक होगी।
