जगन्नाथपुर प्रखंडः शहीद ग्राम राजाबासा जलमग्न, घरों में घुसा पानी

जगन्नाथपुर प्रखंडः शहीद ग्राम राजाबासा जलमग्न, घरों में घुसा पानी



जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीण बेहाल, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित; मच्छर और सांप का बढ़ा खतरा, व्यवसायी की तबीयत बिगड़ी, ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी

संतोष वर्मा

Chaibasaःडीसी साहब जगन्नाथपुर प्रखंड मुख्यालय का यह वहीं गांव है जहां पोटो हो गांव के नाम पर राजाबासा का विकास के लिए करोड़ो रूपये खर्च हो गये लेकिन आज तक शहीद पोटो हो का ना तो प्रतिमा स्थापीत हुआ और ना इस गांव की शुरत बदली.पश्चिमी सिंहभूम। लगातार बारिश के कारण जैंतगढ़ क्षेत्र का शहीद ग्राम राजाबासा गंभीर जलजमाव की चपेट में है। गांव के कई घरों, आंगन और रास्तों में बारिश का पानी जमा हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा उपलब्ध करायी गयी तस्वीरों में घरों के आसपास तथा हैंडपंप तक पानी भरा हुआ दिखाई दे रहा है। जलजमाव के कारण ग्रामीणों का सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है।शैलेंद्र गागराई के घर में पानी भर गया है, जबकि उनके चारपहिया वाहन को भी जलजमाव के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं नर्मल गागराई के घर और बाइक के आसपास भी पानी जमा है। ग्रामीणों के अनुसार कई परिवारों को घर से बाहर निकलने और अपने वाहनों को सुरक्षित स्थान तक ले जाने में कठिनाई हो रही है।

कच्चे मकान पर मंडरा रहा खतरा

जलजमाव से मुंडा कृष्णा जोजो का परिवार भी परेशान है। ग्रामीणों के अनुसार उनका कच्ची मिट्टी का मकान लगातार पानी के संपर्क में रहने के कारण कमजोर हो गया है और ध्वस्त होने के कगार पर पहुंच गया है। परिवार को किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल स्थल निरीक्षण कर परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

बीमारी का खतरा बढ़ा, बच्चों की सुरक्षा भी चिंता का विषय

लगातार जमा गंदे पानी के कारण गांव में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। ग्रामीणों में मलेरिया, डेंगू और अन्य मच्छरजनित बीमारियों को लेकर चिंता है। जलजमाव के कारण सांप और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं के घरों के आसपास आने का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों ने सांप काटने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग से तत्काल आवश्यक व्यवस्था करने की मांग की है।स्कूल जाने वाले बच्चों को भी जलजमाव के बीच आवागमन करना पड़ रहा है। अभिभावकों के अनुसार रास्तों में पानी जमा रहने से बच्चों के स्कूल आने-जाने में परेशानी और सुरक्षा का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीण चाहते हैं कि बच्चों के आवागमन वाले रास्तों से प्राथमिकता के आधार पर पानी निकाला जाए।

व्यवसायी डोबरो उर्फ सम्राट सोय की तबीयत बिगड़ी

जलजमाव और लगातार बारिश का असर स्थानीय व्यवसायी डोबरो उर्फ सम्राट सोय के स्वास्थ्य पर भी पड़ा है। स्थानीय लोगों और परिजनों के अनुसार बारिश के कारण उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई है और वे विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। मलेरिया की बीमारी की शिकायत/आशंका भी सामने आई है, जिससे परिवार चिंतित है।ग्रामीणों ने मांग की है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम राजाबासा पहुंचकर प्रभावित लोगों की जांच करे। गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाने, मच्छररोधी दवा का छिड़काव कराने और जरूरतमंद मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने की भी मांग की गयी है।

आवागमन और कारोबार प्रभावित

ग्रामीण लक्ष्मण बालमुचू ने कहा कि जलजमाव के कारण गांव में आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। दोपहिया और चारपहिया वाहन लेकर निकलना मुश्किल हो गया है। उनका कहना है कि समस्या के कारण ग्रामीणों के रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं।स्थानीय डीलर गुरुचरण सोय ने बताया कि उनकी दुकान पर सामान खरीदने आने वाले ग्राहकों को भी जलजमाव के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्राहक मेघु बेहरा ने कहा कि इस समस्या का स्थायी समाधान होना चाहिए, ताकि ग्रामीणों और ग्राहकों को हर वर्ष बारिश में ऐसी परेशानी न झेलनी पड़े।

बीडीओ-सीओ के आने की बात, ग्रामीणों को कार्रवाई का इंतजार

ग्रामीणों का कहना है कि पिछली बार भी जलजमाव की समस्या सामने आने के बाद बीडीओ और सीओ के गांव आने की बात कही गयी थी, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंच सके। ग्रामीणों ने कहा कि अधिकारी अपनी ड्यूटी में व्यस्त हो सकते हैं, लेकिन शहीद ग्राम की गंभीर समस्या का स्थल निरीक्षण और समाधान भी जरूरी है।ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन तत्काल राजाबासा पहुंचकर जलजमाव वाले स्थानों का सर्वे करे और नाली, कल्वर्ट तथा स्थायी जलनिकासी व्यवस्था की योजना तैयार करे। साथ ही प्रभावित घरों और कच्चे मकानों की सुरक्षा का भी आकलन किया जाए।

अब आर-पार की लड़ाई के मूड में ग्रामीण

लगातार समस्या का समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। जरूरत पड़ने पर जैंतगढ़-जगन्नाथपुर मुख्य मार्ग को जाम कर आंदोलन करने की चेतावनी भी दी गयी है।ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल जलजमाव की समस्या नहीं है, बल्कि घर, स्वास्थ्य, बच्चों की शिक्षा, सुरक्षित आवागमन और स्थानीय कारोबार से जुड़ा गंभीर मामला है। अब वे अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं।

शहीद ग्राम की पहचान और जिम्मेदारी

राजाबासा वीर शहीद पोटो हो की स्मृति और आदिवासी इतिहास से जुड़ा गांव है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे ऐतिहासिक शहीद ग्राम को केवल नाम से सम्मानित करना पर्याप्त नहीं है। यहां सड़क, नाली, जलनिकासी, स्वास्थ्य और सुरक्षित आवागमन जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना भी जरूरी है।ग्रामीणों का सीधा सवाल है—हर वर्ष बारिश में राजाबासा जलमग्न होता रहेगा या प्रशासन अब स्थायी जलनिकासी की व्यवस्था करेगा।

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