भाजपा पहले केंद्र की नीतियों का हिसाब दे, फिर झामुमो से सवाल करे : बुधराम लागुरी
MMDR के खिलाफ महाधरना जनता के अधिकारों की लड़ाई, भाजपा को हो रही बेचैनी : झामुमो
संतोष वर्मा
चाईबासा : भाजपा पश्चिमी सिंहभूम जिला युवा मोर्चा अध्यक्ष चंद्र मोहन तियू द्वारा झामुमो के 07 सितंबर 2026 को प्रस्तावित महाधरना को राजनीतिक ढोंग और विफलताओं से ध्यान भटकाने का प्रयास बताए जाने पर झामुमो जिला प्रवक्ता बुधराम लागुरी ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा नेताओं को झामुमो के आंदोलन पर सवाल उठाने से पहले केंद्र सरकार की खनिज नीतियों और झारखंड के हितों पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।
बुधराम लागुरी ने कहा कि MMDR संशोधन अधिनियम के खिलाफ झामुमो का महाधरना कोई राजनीतिक स्टंट नहीं, बल्कि झारखंड के अधिकार, संसाधन और भविष्य की लड़ाई है। झारखंड की धरती से निकलने वाले खनिज संसाधनों पर राज्य और यहां की जनता के हितों की रक्षा करना झामुमो की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि भाजपा नेता बार-बार टोंटो की सड़क और एम्बुलेंस का मुद्दा उठाकर जनता को वास्तविक मुद्दे से भटकाने का प्रयास कर रहे हैं। यदि भाजपा को वास्तव में टोंटो की जनता की चिंता है तो वह केंद्र सरकार से अनापप्ति प्रमाण - पत्र दिलवा दे. सड़क की चौड़ीकारण कार्य राज्य सरकार जल्द करवा देगी.
श्री लागुरी ने श्री तिउ से कहा कि वे केंद्र सरकार से पूछे कि झारखंड जैसे खनिज संपन्न राज्य को उसके प्राकृतिक संसाधनों का उचित लाभ कैसे मिलेगा।
बुधराम लागुरी ने कहा कि टोंटो की जनता अब भाजपा के राजनीतिक बयान और आरोप-प्रत्यारोप से अच्छी तरह परिचित हो चुकी है। वर्षों से लंबित समस्याओं को लेकर राज्य सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधि लगातार प्रयास कर रहे हैं। विकास एक सतत प्रक्रिया है और क्षेत्र की सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा अन्य बुनियादी जरूरतों को लेकर सरकार गंभीर है।
उन्होंने चंद्र मोहन तियू के बयान पर कहा कि भाजपा को पहले अपने केंद्र के शासन और नीतियों का हिसाब जनता के सामने रखना चाहिए। जब झारखंड के खनिज संसाधनों, राजस्व और अधिकारों का सवाल उठता है, तब भाजपा नेताओं की चुप्पी क्यों टूटती नहीं है?
झामुमो जिला प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा को यह समझ लेना चाहिए कि झामुमो जनता के अधिकारों की आवाज उठाने से पीछे हटने वाला नहीं है। 07 सितंबर का महाधरना झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा पर राज्य के अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक संघर्ष का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा नेता यदि वास्तव में जनता के हितैषी हैं तो आरोप लगाने के बजाय MMDR संशोधन अधिनियम के प्रावधानों पर खुली बहस करें और बताएं कि इससे झारखंड के हित कैसे सुरक्षित रहेंगे। बुधराम लागुरी ने कहा कि भाजपा की बौखलाहट इस बात का प्रमाण है कि झामुमो का आंदोलन जनता के बीच प्रभाव पैदा कर रहा है। झामुमो गांव-गांव, हाट-बाजार और प्रखंड स्तर तक जनता को जागरूक करेगा तथा 07 सितंबर 2026 को महाधरना के माध्यम से केंद्र सरकार तक झारखंड की मजबूत आवाज पहुंचाएगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि “भाजपा चाहे जितना भ्रम फैलाए, झामुमो झारखंड के अधिकारों की लड़ाई से पीछे नहीं हटेगा। जनता तय करेगी कि कौन उसके अधिकारों के लिए लड़ रहा है और कौन राजनीतिक बयानबाजी कर रहा है।”
