चाईबासाःजिला परिषद के सदस्यों के बैठक के बिना कर्मचारियों का कार्य बंटवारा किया जाना पंचायत राज अधिनियम के नियमों का उल्लंघन है
आदिवासी समुदाय के पैतृक कर्मचारी बूंदी राम सुंडी से कार्य दायित्व को लेकर राजीव मणि को देना न्यायपूर्ण नहीं है
जिला परिषद के एक मात्र पैतृक कर्मचारि बूंदी राम सुंडी के साथ अन्याय करने एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रताड़ित करने का मामला मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को आदिवासी संगठन के द्वारा शिकायत किया जा सकता है
सूत्रों के अनुसार वर्तमान मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के कार्यकाल में संवेदकों को समय पर कार्यादेश नहीं दिये जाने की भी सूचना मिल रही है
निविदा निष्पादन प्रक्रिया पूरा होने एवं EMD की राशि जमा करने के बाद भी एकरारनामा नहीं किया जा रहा है
जिला परिषद को जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त पश्चिमी सिंहभूम कार्यालय के अधीन करना झारखंड राज पंचायत अधिनियम के विरूद्ध है। सूत्र
संतोष वर्मा
Chaibasaःजिला परिषद चाईबासा को मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सह उप विकास आयुक्त अपने ही जिला परिषद को जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त पश्चिमी सिंहभूम का कार्यालय के अधीन स्वायत्त शासी निकाय के अधीन कर दिया है, इस कि पुष्टि कर्मचारियों के बीच कार्य बंटवारा के आदेश पत्र से होता है। जिला परिषद के सदस्यों के बीच चर्चा बना हुआ है कि जिला परिषद अपने आप में ऑटोनोमस बाॅडी है, चुनाव प्रक्रिया के तहत जिला परिषद का चुनाव होता है, उसके बाद जनता अपने प्रतिनिध को चुनते हैं। जिला परिषद के एक सदस्य ने स्पष्ट रूप से कहा कि मेरा कार्यालय जिला परिषद है। जिला परिषद का अपना स्वतंत्र व्यवस्था है। जिला परिषद के बैठक में सभी जनहित के निर्णय होते हैं। लेकिन आदेश ज्ञापांक 537/जि परि दिनांक 13.06.2026 के द्वारा जिला परिषद स्वायत्ता को खत्म करते हुए जिला परिषद की बैठक से बिना अनुमोदन एवं प्रस्ताव पारित के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सह उप विकास आयुक्त ने कर्मचारियों के बीच कार्य का बंटवारा कर दिया है। इस आदेश से जिला परिषद के सदस्य हतप्रभ हैं, साथ ही जिला परिषद के एक मात्र आदिवासी समुदाय के पैतृक कर्मचारि बूंदी राम सुंडी से कई कार्यों का दायित्व को हटा कर राजीव मणि को दे दिए जाने से आदिवासी समुदाय में भारी आक्रोश है। जानकारी के अनुसार इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से शिकायत दर्ज कराने की चर्चा है। सूत्रों के अनुसार झारखण्ड पंचायती राज अधिनियम के नियमों के विरुद्ध जिला परिषद में आदेश निर्गत किया जा रहा है, जिसे विभाग को सूचित करते हुए न्यायालय तक इस आदेश के विरुद्ध कार्रवाई के लिए जिला परिषद सदस्य तैयार है।


