कई दशक के बाद सिंहभूम को युवा, कर्मठ जुझारू और निष्ठावान डीसी मिला हैःआम जनता
डीसी मनीष कुमार के कार्यशैली एवं कार्य संस्कृति से मृतप्राय जन कल्याण योजना जीवित हो गया। सुत्र
सो रहे प्रखण्ड और अंचल के कर्मचारियों को डीसी ने जगा दिया, आम जनता में खुशी की झलक साफ देखने को मिल रही है। सुत्र
बारह बजे तक डीसी जिला के विकास और कल्याण के लिए काम कर रहे हैं, जिला को एक सच्चे पक्के सेवक के रूप में डीसी मिले हैं।
मनीष कुमार की मृदुभाषी व्यवहार से आम जनता बहुत ही खुश
चाईबासा/संतोष वर्मा: पश्चिमी सिंहभूम जिला में उपायुक्त मनीष कुमार अपने कार्यशैली एवं कार्य संस्कृति से जहां प्रशासनिक महकमा में नई ऊर्जा का संचरण किया है, वहीं आम जनता के बीच विशेष कर आदिवासी जनता के बीच खासे लोकप्रिय हो गए हैं।जनप्रतिनिधियों के साथ क्षेत्र का भ्रमण करने में काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। जिस तरह दिशा की बैठक में सभी माननीयों एवं जनप्रतिनिधि लोगों का समाहरणालय में भव्य स्वागत कार्यक्रम किया जाना, अपने आप में एक अंदाज रहा है। मनीष कुमार की कार्य क्षमता से उनके अधीनस्थ कर्मी काफी हैरान और अचंभित हैं। बारह बजे तक जिला के विकास और कल्याण के लिए समय दे रहे हैं। ग्रास रूट में निचले स्तर पर लापरवाही एवं उदासीनता को खत्म करने का काम किए हैं। अंचल से प्रखंड तक सभी पदाधिकारी और कर्मचारियों को एक्टीवेट कर दिए हैं, जो पूरी तरह मृतप्राय था, यह आम जनता के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। जाति प्रमाण, आय प्रमाण, अबूवा आवास, भूमि का दखल खारिज, रेट राशिद, एवं सभी स्तर के जन कल्याण एवं विकास को गति दे दिए हैं। सही मायने में देखा जाए तो यह कहा जा सकता है कि कई दशक के बाद जिला को एक कर्मठ, जुझारू एवं अपने कार्यदायीव के प्रति लगनशील डीसी को देखने का अवसर प्राप्त हुआ है, इसके लिए राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन बधाई के पात्र हैं। मनीष कुमार डीसी के रूप में एक सच्चे, पक्के सेवक की भूमिका अदा कर रहे हैं। आम जन जीवन को सही रास्ते पर लाने का काम कर रहे हैं। राजनीतिक सुत्र के अनुसार यहां तक कहा जा रहा है कि जनप्रतिनिधि का काम भी डीसी ही कर रहे हैं। भ्रष्टाचार का अड्डा अंचल और प्रखंड को अपनी निगरानी में ले लिए हैं, कर्मचारियों का मानना है कि मनीष कुमार का डर सभी प्रखण्ड और अंचल में है। मैं आम जनता के ओर से डीसी मनीष कुमार से मांग करता हूं कि बदहाल स्वास्थ्य सेवा को ठिक करने की शुरुआत जल्द की जाए, लचर स्वास्थ्य व्यवस्था से आम जनता कराह रही है। गरीब तबके के लोग बाहर इलाज कराने में सक्षम नहीं है। गांव, कस्बा एवं प्रखण्ड स्तर पर समुचित स्वास्थ्य सेवा बहाल होने से आम जनता को काफी राहत पहुंचेगी। सिंहभूम की जनता अपने डीसी को मसीहा और भगवान का अवतार के रूप में देख रहे हैं।




