अब सवाल उठ रहें हैं की नगर परिषद को स्वच्छ शहर चाहिए या केवल स्वच्छता का प्रचार?
चाईबासा/संतोष वर्मा: चाईबासा नगर परिषद एक ओर शहर के मुख्य चौक-चौराहों पर स्वच्छता सर्वेक्षण के बड़े-बड़े होर्डिंग लगा रही है, वहीं दूसरी ओर वार्ड संख्या 05 में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है। हालत यह है कि लोग अपने ही घरों के सामने जमा कचरे और उससे उठती दुर्गंध से परेशान होकर मजबूरी में सड़कों और खाली स्थानों पर गंदगी फेंकने को विवश हैं।ऐसा प्रतीत होता है कि नगर परिषद के लिए स्वच्छता केवल पोस्टरों और फोटो तक सीमित रह गई है। जब घरों से कचरा उठाने की मूल व्यवस्था ही दम तोड़ चुकी हो, तब स्वच्छता सर्वेक्षण के चमकदार होर्डिंग जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने से कम नहीं हैं। विडम्बना यह है कि नगर परिषद को स्वच्छ शहर चाहिए या केवल स्वच्छता का प्रचार?

