मनीष कुमार की पहली DMFT की समीक्षा बैठक में Pmkkky/ DMFT के गाईड लाईन पर स्वीकृति की बात कहीः सुत्र
डीसी ने अभियंताओं से कहा कि सड़क निर्माण में अनावश्यक रूप से गार्डवाल एवं पुलिया का निर्माण न करें। सुत्र
डीसी मनीष कुमार ने बैठक में स्पष्ट किया कि समय पर योजना पूरा करें और गुणवत्ता पर ध्यान दें। सुत्र
santosh verma
Chaibasa ःDMFT की समीक्षा बैठक में डीसी मनीष कुमार ने साफ कर दिया गया है कि Pmkkky/DMFT के गाईड लाईन पर योजना स्वीकृत की जाएगी, उच्च प्राथमिकता के अन्तर्गत आने वाली 60 से 80 पर्सेंट योजना एवं अन्य योजना का चयन नियमानुसार किया जाएगा। वहीं कार्यकारी एजेंसी को अपना रुख साफ करते हुए कहा है कि योजनाओं को उपयोगी बनाने और अनावश्यक रूप से प्राक्कलन में पुलिया और गार्डवाल का प्रौधान करने से बचें। उन्होंने यह भी कहा कि योजना समय पर पूरा करने और टेंडर प्रक्रिया का निष्पादन समय पर करें। निविदा लम्बित रखने वाले एजेंसी पर नाराज़ दिखे। खनन प्रभावित क्षेत्र के कल्याण एवं विकास के लिए Pmkkky/ DMFT के गाईड लाईन का फॉलोअप करने की आवश्यकता पर अपना रुख स्पष्ट करने के बाद DMFT सेल पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गए हैं। डीसी ने समय पर संचिका का निष्पादन करने की भी बात कही गई। प्रशासनिक महकमा को एक्टिव करने एवं प्रखण्ड और अंचल को एक्टिव मोड पर खड़ा करने के 45 दिन के बाद तकनीकी विभागों के साथ DMFT की पहली समीक्षा बैठक डीसी मनीष कुमार ने की है। बैठक में उन्होंने यह भी कहा कि दस से बीस पर्सेंट योजना का निरीक्षण मैं स्वयं करूंगा, डीडीसी भी करेंगे, योजना की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा साथ ही राशि विमुक्ति से पहले सौ मीटर पर तीन फ़ोटो डालने की बात कही गई है। डीसी मनीष कुमार अपने कार्यशैली से जिला में अलग पहचान बना चुके हैं,कर्मचारी से लेकर पदाधिकारी एवं अभियंता अपने कार्य के प्रति गंभीर नज़र आ रहे हैं। ऐसा लगता है कि मृतप्राय जिला को मनीष कुमार के रूप में संजीवनी मिल गया हो। अंचल और प्रखंड में आम जनता का काम सुचारू रूप से होने लगा है, जिला में सभी विभाग अपने कार्यों को समय पर पूरा करने में लगे हैं, वहीं तकनीकी विभागों के एजेंसी अपनी योजनाओं को गति देने और गुणवत्ता बनाए रखने पर संवेदकों पर कड़ाई करते नज़र आ रहे हैं। ऐसा लगता है कि मनीष कुमार किसी जादू की छड़ी से जिला को जीवित कर विकास और कल्याण के रास्ते पर दौड़ा दिया है।

