उपायुक्त मनीष कुमार नें मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों के प्राचार्यों एवं शिक्षकों के साथ किया एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक
उपायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा हैं, इसलिए इन विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता, अनुशासन एवं अधोसंरचनात्मक व्यवस्था का उच्च स्तर बनाए रखना आवश्यक है
santosh verma
Chaibasa ः पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में एवं उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी टोनी प्रेम राज टोप्पो तथा जिला शिक्षा अधीक्षक प्रवीण कुमार की मौजूदगी में मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों के प्राचार्यों एवं शिक्षकों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान उपायुक्त ने मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा करते हुए छात्र-छात्राओं की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने तथा विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण विकसित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी प्राचार्यों एवं शिक्षकों को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक प्रयास किए जाएं तथा अभिभावकों के साथ सतत संवाद स्थापित कर विद्यालय से बच्चों का जुड़ाव मजबूत किया जाए।
उपायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा हैं, इसलिए इन विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता, अनुशासन एवं अधोसंरचनात्मक व्यवस्था का उच्च स्तर बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों को पाठ्यक्रम के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण अध्यापन कार्य संचालित करने तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। बैठक में विद्यालयों में नियमित जांच परीक्षा एवं मूल्यांकन प्रक्रिया के प्रभावी संचालन पर भी चर्चा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि समय-समय पर आंतरिक परीक्षाओं का आयोजन कर विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का आकलन किया जाए तथा कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में विद्यालय परिसर की साफ-सफाई एवं स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं सुरक्षित विद्यालय परिसर विद्यार्थियों के बेहतर शैक्षणिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी विद्यालयों में नियमित साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक के दौरान विद्यालयों के संचालन, शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की उपलब्धियों एवं विभिन्न प्रशासनिक विषयों पर विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी प्राचार्यों एवं शिक्षकों से शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाने तथा मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों को जिले के आदर्श शिक्षण संस्थानों के रूप में विकसित करने हेतु समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया। बैठक के अंत में सभी के द्वारा पश्चिमी सिंहभूम जिला को नशा मुक्त जिला बनाने का संकल्प लिया गया।


