जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं के एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन, उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों एवं पीडीएस विक्रेताओं को किया गया सम्मानित
विषम परिस्थितियों में भी राशन विक्रेताओं ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए लोगों तक खाद्यान्न पहुंचाने का कार्य किया है, जिसके लिए उनकी जितनी सराहना की जाए वह कम हैःमंत्री दीपक बिरूवा
संतोष वर्मा
Chaibasaःपश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत टाटा कॉलेज, चाईबासा स्थित बहुउद्देशीय सभागार में जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं का एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग तथा परिवहन विभाग, झारखंड सरकार दीपक बिरुआ उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में माननीय सांसद सिंहभूम श्रीमती जोबा माझी तथा सम्मानित अतिथि के रूप में विधायक मझगांव नीरल पूर्ति, विधायक चक्रधरपुर सुखराम उरांव, विधायक मनोहरपुर जगत माझी, जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरीन एवं चक्रधरपुर नगर परिषद अध्यक्ष सन्नी उरांव शामिल हुए। कार्यक्रम में उपायुक्त मनीष कुमार एवं उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार सहित जिला प्रशासन के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। तत्पश्चात सभी अतिथियों का स्वागत किया गया। इस अवसर पर जन वितरण प्रणाली एवं सार्वजनिक वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में योगदान देने वाले आपूर्ति कार्यालय के कर्मियों, सहायक गोदाम प्रबंधकों, डोर स्टेप डिलीवरी संवेदकों, लैम्प्स प्रतिनिधियों तथा दाल-भात केंद्र संचालिकाओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिले के 21 मुख्यमंत्री दाल-भात केंद्रों को बर्तनों का वितरण किया गया। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले 38 जन वितरण प्रणाली दुकानदारों को प्रेशर कुकर प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया। इसके अतिरिक्त तीन टीबी मरीजों के बीच फूड बास्केट का वितरण किया गया। जनजागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 1 मलेरिया जागरूकता प्रचार वाहन, 1 प्रोजेक्ट आहार प्रचार वाहन एवं 2 नशा मुक्ति जागरूकता वाहन को माननीय अतिथियों द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि देश की आजादी के बाद से सार्वजनिक वितरण प्रणाली गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम रही है। उन्होंने कहा कि विषम परिस्थितियों में भी राशन विक्रेताओं ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए लोगों तक खाद्यान्न पहुंचाने का कार्य किया है, जिसके लिए उनकी जितनी सराहना की जाए वह कम है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में संचालित विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत मतदाता सूची को अद्यतन करने का महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं की पहुंच गांव-गांव एवं प्रत्येक लाभुक परिवार तक होती है, इसलिए वे लोगों को मतदाता सूची में नाम जोड़ने एवं मतदाता बने रहने के प्रति जागरूक करें। उन्होंने सभी राशन विक्रेताओं से ईमानदारी, पारदर्शिता एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने कहा कि नेटवर्क संबंधी समस्याओं से सरकार अवगत है तथा इसके स्थायी एवं वैकल्पिक समाधान की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।
सांसद श्रीमती जोबा माझी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार राशन वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि राशन प्राप्त करने वाले अधिकांश लोग आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं, ऐसे में जन वितरण प्रणाली की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। सांसद ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री के द्वारा सोना-सोबरन धोती/लूंगी/साड़ी वितरण योजना का संचालन किया जा रहा है, जो की सराहनीय है। उन्होंने राज्यव्यापी नशा मुक्ति अभियान का उल्लेख करते हुए लोगों से नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने में सहयोग करने की अपील की। साथ ही उन्होंने सड़क किनारे हड़िया बेचकर जीविकोपार्जन करने वाली महिलाओं के पुनर्वास एवं सशक्तिकरण के लिए संचालित ‘फूलो-झानो आशीर्वाद अभियान’ का अधिकतम लाभ पात्र महिलाओं तक पहुंचाने हेतु जिला प्रशासन को आवश्यक पहल करने का सुझाव दिया।
विधायक नीरल पूर्ति ने कहा कि जन वितरण प्रणाली ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के गरीब परिवारों के लिए जीवनरेखा के समान है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में राशन विक्रेताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी विक्रेताओं से लाभुकों के साथ संवेदनशील एवं जिम्मेदार व्यवहार करते हुए समय पर खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित करने की अपील की।
विधायक सुखराम उरांव ने अपने संबोधन में कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली सामाजिक सुरक्षा की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखते हुए पात्र लाभुकों को उनका अधिकार समय पर उपलब्ध कराना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विक्रेताओं से सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं जागरूकता अभियानों को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय सहयोग देने का आग्रह किया। माननीय विधायक ने सर्वप्रथम अपने संबोधन में राशन डीलरों की कर्तव्यनिष्ठा को नमन किया।
विधायक जगत माझी ने कहा कि राशन दुकानदार सरकार और आम जनता के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि लाभुकों का विश्वास बनाए रखना तथा उन्हें सम्मानपूर्वक सेवाएं उपलब्ध कराना प्रत्येक विक्रेता का दायित्व है। उन्होंने जन वितरण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु सभी संबंधित पक्षों के समन्वित प्रयासों पर बल दिया तथा लोगों से नशा मुक्ति, स्वास्थ्य जागरूकता एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में जन वितरण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं लाभुक-केंद्रित बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने तथा झारखंड राज्य को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में सभी प्रखंडों के कुल 1254 जन वितरण प्रणाली दुकानदार, 18 सहायक गोदाम प्रबंधक, 13 परिवहन अभिकर्ता एवं 22 मुख्यमंत्री दाल भात केंद्र संचालिकाओं ने भाग लिया।







