असुरक्षा से सम्मानजनक आजीविका तक का सफर
चाईबासा/संतोष वर्मा: झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी के द्वारा संचालित "फूलो झानो आशीर्वाद अभियान" के माध्यम से पश्चिमी सिंहभूम जिले की महिलाओं के जीवन में व्यापक सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन हो रहा है। उक्त के क्रम में जगन्नाथपुर प्रखंड के कल्लैया गाँव की निवासी श्रीमती आशा कुई की प्रगति की कहानी अभियान की प्रभावशीलता का सशक्त उदाहरण है। श्रीमती कुई इस अभियान से जुड़कर अस्थिर एवं असुरक्षित आजीविका से निकलकर आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन की ओर कदम बढ़ाया है।
आशा कुई पहले अपनी आजीविका के लिए हड़िया बेचने पर निर्भर थीं, जिससे उन्हें अनिश्चित आय प्राप्त होती थी और सामाजिक असुरक्षा का सामना करना पड़ता था।
वर्ष 2025 में आशा कुई स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ीं और उनके जीवन में जागरूकता एवं आत्मविश्वास का विकास हुआ। समूह के माध्यम से उन्हें फूलो झानो आशीर्वाद अभियान के तहत ₹20,000/- की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। प्राप्त राशि का उपयोग उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से करते हुए ₹10,500 में सिलाई मशीन खरीदी तथा शेष राशि से बत्तख एवं मुर्गी पालन की शुरुआत किया। साथ ही, उन्हें मंईयां सम्मान योजना एवं SHG के माध्यम से अतिरिक्त ऋण सहयोग भी प्राप्त हुआ, जिसका उपयोग उन्होंने अपने पति के इलाज एवं कृषि कार्यों में निवेश के लिए किया।
संस्थागत मार्गदर्शन एवं निरंतर प्रयास के परिणामस्वरूप आशा कुई ने अपनी आजीविका के स्रोतों का विविधीकरण किया। वर्तमान में वे सिलाई कार्य, बत्तख पालन एवं सब्ज़ी विक्रय के माध्यम से नियमित एवं स्थिर आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने हड़िया बेचने का कार्य पूरी तरह बंद कर दिया है और अब वे सम्मानजनक जीवन यापन कर रही हैं। आज आशा कुई आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। उनकी आय में स्थिरता आई है, जीवन स्तर में सुधार हुआ है तथा वे सामाजिक रूप से अधिक सशक्त हुई हैं। उनकी सफलता से प्रेरित होकर उनके गाँव की अन्य महिलाएँ भी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आजीविका के नए अवसरों की ओर अग्रसर हो रही हैं।
इस संबंध में जिला प्रशासन ने बताया कि फूलो झानो आशीर्वाद अभियान महिलाओं को असुरक्षित एवं गैर-सम्मानजनक कार्यों से मुक्त कर उन्हें सम्मानजनक एवं स्थायी आजीविका से जोड़ने की दिशा में एक प्रभावी पहल है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण एवं बाज़ार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। आशा कुई की यह प्रेरक यात्रा दर्शाती है कि उचित मार्गदर्शन, संस्थागत सहयोग एवं दृढ़ संकल्प के साथ कोई भी महिला अपने जीवन की दिशा बदल सकती है। फूलो झानो आशीर्वाद अभियान महिलाओं के सशक्तिकरण एवं स्थायी सामाजिक परिवर्तन का मजबूत आधार बनता जा रहा ।
