चाईबासा: भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) चाईबासा इकाई द्वारा सोमवार को गांधी टोला स्थित संतोषी मंदिर के निकट राष्ट्रीय इप्टा का 84वां स्थापना दिवस जन संस्कृति दिवस के रूप में उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम में इप्टा से जुड़े कलाकारों एवं संस्कृति कर्मियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इप्टा चाईबासा के संस्थापक तरुण मुहम्मद ने इप्टा की स्थापना और उसके उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इप्टा महज एक नाट्य संस्था नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन है, जो समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार, शोषण और अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ संस्कृति के माध्यम से आवाज बुलंद करता रहा है। उन्होंने कहा कि सभी संस्कृति कर्मियों का दायित्व है कि वे जनहित के मुद्दों को कला और संस्कृति के जरिए समाज तक पहुंचाएं।
इप्टा के पूर्व अध्यक्ष राज किशोर साहू ने कहा कि चाईबासा इप्टा के कलाकार शहरों के साथ-साथ गांवों में भी जाकर जनजागरण का कार्य कर रहे हैं और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। इस अवसर पर इप्टा के अध्यक्ष कैसर परवेज एवं अन्य साथियों ने जनगीत “इंकलाब चाहिए” प्रस्तुत कर कार्यक्रम में उत्साह का माहौल बना दिया।
कार्यक्रम में संस्थापक तरुण मुहम्मद, अध्यक्ष कैसर परवेज, सचिव संजय चौधरी, वरिष्ठ सदस्य राज किशोर साहू, किशोर साव, कोषाध्यक्ष शिव शंकर राम, श्यामल दास, अनु पूर्ति, सुमन गोप, राज कुमारी, पप्पू मछुआ समेत कई सदस्य एवं कलाकार उपस्थित रहे।
