दुमका: राज्य सरकार द्वारा फूलो झानो मेडिकल कॉलेज का नाम बदलकर “गवर्नमेंट हॉस्पिटल एंड मेडिकल कॉलेज” किए जाने का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता चम्पाई सोरेन ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। दुमका प्रवास के दौरान चम्पाई सोरेन स्थानीय मांझी बाबा, युवाओं और रैयतों के साथ अस्पताल पहुंचे और नाम परिवर्तन को आदिवासी महापुरुषों का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि तथाकथित “अबुआ सरकार” आदिवासी समाज की सामाजिक व्यवस्था को कमजोर करने के साथ-साथ उनके गौरवशाली इतिहास और महापुरुषों की पहचान मिटाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी संस्थान का नाम महापुरुषों के नाम पर रखना उनके सम्मान का प्रतीक होता है, लेकिन बिना किसी सूचना के उनका नाम हटाना सरकार की मंशा को उजागर करता है। चम्पाई सोरेन ने कहा कि आदिवासी समाज अपने इतिहास और पहचान के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगा और इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आगामी 30 जून तक मेडिकल कॉलेज के नाम में “फूलो झानो मुर्मू” का नाम पुनः नहीं जोड़ा गया, तो आदिवासी समाज के हजारों लोग स्वयं आकर इसे सुधारने का काम करेंगे। इस दौरान उन्होंने केन्द्र सरकार की जनजातीय नीतियों की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में आयोजित जनजातीय सांस्कृतिक समागम में केन्द्रीय गृह मंत्री द्वारा स्पष्ट किया गया है कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के दौरान आदिवासी समाज को इससे बाहर रखा जाएगा, ताकि उनकी परंपराओं, संस्कृति और विशिष्ट जीवनशैली का संरक्षण किया जा सके। चम्पाई सोरेन ने कहा कि हजारों वर्षों पुरानी आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
