चाईबासा: विश्व तंबाकू निषेध दिवस (31 मई) के अवसर पर पश्चिमी सिंहभूम जिले में विशेष तंबाकू निषेध अभियान की शुरुआत की गई। मंगलवार को सरकारी आईटीआई प्रशिक्षण केंद्र एवं राज आईटीआई प्रशिक्षण केंद्र में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों और युवाओं को तंबाकू एवं निकोटीन उत्पादों के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में इस वर्ष विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा निर्धारित थीम “Unmasking the appeal: Countering nicotine and tobacco addiction” यानी “तंबाकू एवं निकोटीन की लत के प्रति आकर्षण का पर्दाफाश” पर विशेष चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि अभियान का उद्देश्य युवाओं को तंबाकू की लत से बचाना तथा भावी पीढ़ियों को सुरक्षित रखना है। जिला परामर्शी मुक्ति बिरुआ, एनटीसीपी ने बताया कि जिले में 26 मई से 26 जून तक विशेष तंबाकू निषेध अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन से बाल झड़ना, दांतों में सड़न, फेफड़ों का कैंसर, हृदय रोग, पेट में अल्सर और गैंग्रीन जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता अनूप ने कहा कि वर्तमान समय में किशोर और युवा तेजी से तंबाकू सेवन की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जो चिंता का विषय है। उन्होंने युवाओं को तंबाकू और निकोटीन उत्पादों के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए इससे दूर रहने की अपील की। साथ ही कोटपा अधिनियम 2003 एवं झारखंड कोटपा अधिनियम 2021 की जानकारी देते हुए बताया गया कि सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान प्रतिबंधित है तथा शिक्षण संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री व खरीद पर रोक है। उल्लंघन करने पर जुर्माने का प्रावधान है।
कार्यक्रम में सदर अस्पताल स्थित तंबाकू निवारण केंद्र (TCC) एवं टोल फ्री नंबर 1800-11-2356 की जानकारी भी दी गई, जहां तंबाकू की लत छोड़ने के इच्छुक लोग परामर्श और उपचार प्राप्त कर सकते हैं। अंत में सभी प्रतिभागियों को तंबाकू सेवन नहीं करने की शपथ दिलाई गई। मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षकगण एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
