लॉटरी संचालक हो रहें मालामाल गरीब-मजदूर हो रहे शिकार अवैध लॉटरी कारोबार कर संचालक हर दिन लाखों की कर रहा है उगाही
चाईबासा/संतोष वर्मा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा एवं आसपास के क्षेत्रों में अवैध लॉटरी का अवैध चंचा एक बार फिर बड़े पैमाने पर हो रहा है। अवैध लॉटरी का अवैध कारोबार लॉटरी यह अवैध धंधा रुकने का नाम नहीं ले रहा है। लॉटरी का अवैध धंधा बदस्तूर जारी है और कई महीनों से लॉटरी टिकट बिक्री का यह अवैध धंधा चल रहा है। अवैध लॉटरी टिकट के इस अवैध धंधे में कई लोग शामिल है। जिनके द्वारा बड़े पैमाने पर चाईबासा गार एवं आसपास के क्षेत्रों में अवैध लॉटरी का पंथा संचालित किया जा रहा है और प्रतिदिन खों की लॉटरी बेची जा रही है।
लॉटरी के इस अवैध धंधे में शामिल लोगों को लाखों का मुनाफा हो रहा है, लॉटरी के अवैध धंधे से चांदी कट गयी है।लॉटरी के इस अवैध धंधे में शामिल संचालक, सरगना, मास्टरमाइंड और सफेद पोश मालामाल हो रहे हैं। बताया जाता है कि लॉटरी संचालकों को संबंधित लोगों का संरक्षण भी मिल रहा है। जिसके कारण ही बेखौफ होकर लॉटरी के इस अवैध चंधे को बड़े पैमाने पर किया जा रहा है, इसके बावजूद कोई कारवाई नहीं हो रही है। वही लीष लालच में पड़कर लोग अपने खून पसीने की गाड़ी कमाई कर लुटा रहे हैं। सबसे अधिक इस समय धंधे का शिकार डेली रोजी-रोटी कमाने वाले गरीब और आम लोग, मजदूर हो यो हैं जो बोड़े पैसे के लालच में अपनी दिनभर की कमाई को चर्बाद कर दे रहे हैं।
अवैध लॉटरी के संचालकों द्वारा अपने सैकड़ो एजेंटों के माध्यम से पूरे शहर के चौक चौराहों, होटली, चाय पान की दुकानों, शहर के मुख्म स्थानों एवं फोन वाट्सएप के माध्यम से लाखों की लॉटरी प्रतिदिन बेची जाती है और लोगों को लॉटरी में लाखों का पुरस्कार का लालब देकर उनकी खून पसीने की गड़ी कमाई लूटी जाती है। लॉटरी का यह अवैध पंथा शहर और आसपास के इलाकों में काफी तेजी से फल-फूल रहा है। बड़ी बाजार, मेरी टोला, जेएमपी चौक, रेलवे स्टेशन से लॉटरी का अवैध धंधा संबालित होता है। शहर का बड़ी बाजार, मेरी टोला, बस स्टैंड, जेएमपी चौक, तांबी चौक, नीमडीह, एसपीजी मिशन स्कूल के पास पाहाहा सुफलसई, आदि क्षेत्र में इस अवैध बंधे में शामिल संचालक और उसके सरगनाओं के एजेंट द्वारा अवैध लॉटरी का टिकट बेचा जाता है और लोगो को लोभ लालच देकर इस धंधे में फसाया जाता है। लाखों का पुरस्कार के लोभ लालच के चक्कर में पड़कर लोग अपनी गाड़ी कमाई को इस अवैध लॉटरी के धंधे में शामिल लोगों के जेब में डाल रहे हैं।
