स्थिति यह है कि इन्हीं तीन कर्मचारियों से छठ घाट की सफाई भी करवाई जा रही है, जिससे वार्ड की नियमित सफाई प्रभावित हो रही है। पार्षद के अनुसार, कई जगह सिर्फ दिखावे के लिए सफाई की जाती है, जबकि हकीकत में नालियां बजबजा रही हैं और गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब रजिस्टर में हर वार्ड में आठ सफाई कर्मचारी दर्ज हैं, तो बाकी कर्मचारी कहां हैं? पार्षद ने यह भी बताया कि पिछले करीब तीन सालों तक वार्ड में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब रही और अब भी हालात में कोई खास सुधार नहीं दिख रहा है।
गौरतलब है कि छठ घाट की सफाई के लिए हर साल नगर निगम द्वारा करीब 100 सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था की जाती थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं देखने को मिल रहा है।
ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर नगर निगम की इस लापरवाही पर कब कार्रवाई होगी और वार्डवासियों को कब मिलेगी साफ-सुथरी व्यवस्था।
