Chaibasa: चाईबासा के जवाहरलाल बांकिरा ने राष्ट्रीय पटल पर प्रस्तुत की पलायन और कटते जंगल पर कविता



चाईबासा/संतोष वर्मा: वेस्ट सिंहभूम हो राइटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष साहित्यकार जवाहरलाल बांकिरा 30 मार्च से 4 अप्रैल तक राष्ट्रीय साहित्य अकादमी नई दिल्ली द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कवि सम्मेलन ' साहित्य उत्सव ' में झारखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए शिरकत किया। देशज स्वर अंतर्गत आदिवासी कविता पाठ में जवाहरलाल मुख्यतः झारखंड के मजबूर जनजातीय युवाओं का दूसरे प्रदेश जाकर मजदूरी कर जीवन यापन करने और कटते वन पर केंद्रित कविताएं राष्ट्रीय पटल पर प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त किया। इनमें 'डाडु सेनो:यना नला बासा'(डाडू चला कमाने परदेश) और सारंडा बुरु अमिङो: तना (सारंडा जंगल नष्ट हो रहा) प्रमुख हैं। 

साहित्यकार जवाहरलाल बांकिरा मुख्यतः जनजातीय जीवन की धुंधली होती सामाजिक ताना-बाना पर संवेदना व्यक्त कर समाज को जागरूक करने का भरसक प्रयास करते हैं। साहित्य के क्षेत्र में उनकी सक्रियता को देखते हुए साहित्य अकादमी इन्हें राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में आमंत्रित किया है। राष्ट्रीय स्तर पर श्री बांकिरा को कविता पाठ हेतु आमंत्रित किए जाने पर हो राइटर्स एसोसिएशन के सचिव कृष्णा देवगम, संयुक्त सचिव  दिलदार पुरती,संगठन सचिव सिकंदर बुड़ीउली,शायरा सारिका पुरती सुंडी,साहित्यकार तिलक बारी,सोनू हेस्सा,जगन्नाथ हेस्सा,सोनी कुमारी आदि ने हर्ष व्यक्त किया है।

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