उपायुक्त चंदन कुमार नें जिले में चल रही जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट मद के द्वारा विभिन्न कार्यकारी विभागों के माध्यम से आधारभूत संरचना निर्माण के लिए संचालित योजनाओं में प्रगति से संबंधित की समीक्षात्मक बैठक
समीक्षा के दौरान बताया गया कि विभिन्न कार्यकारी विभागों के पृथक-पृथक खातों में डीएमएफटी मद के तकरीबन 295 करोड़ रुपए की राशि अवशेष है
उपायुक्त चंदन कुमार नें निर्देश दिया गया कि सभी कार्यकारी विभाग लंबित उपयोगिता प्रमाण पत्र से संबंधित योजनाओं का जांच करते हुए तीन दिनों के भीतर उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करना सुनिश्चित करें
उपायुक्त ने वित्तीय वर्ष 2022-23 तक स्वीकृत, जिन भी योजनाओं में अपेक्षाकृत प्रगति नहीं है और वित्तीय वर्ष 2023-24 में स्वीकृत जिन भी योजनाओं में अब तक कार्य प्रगति शून्य है, उन सभी योजनाओं को रद्द करने का प्रस्ताव उपलब्ध कराने का निर्देश दिया
संतोष वर्मा
Chaibasaः पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में जिला दंडाधिकारी -सह- उपायुक्त चंदन कुमार की अध्यक्षता में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट मद के द्वारा विभिन्न कार्यकारी विभागों के माध्यम से आधारभूत संरचना निर्माण के लिए संचालित योजनाओं में प्रगति से संबंधित समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया। उक्त बैठक में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, निदेशक- लेखा प्रशासन सह स्वनियोजन श्रीमती सुनीला खलको, कार्यकारी विभाग के कार्यपालक अभियंता व सहायक अभियंता सहित अन्य उपस्थित रहे। समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने कहा कि जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट मद से तकरीबन 1712 करोड़ रुपए की राशि विभिन्न संरचना निर्माण हेतु अलग-अलग कार्यकारी विभाग को रिलीज की गई है, जिसमें 1387 करोड़ की राशि व्यय हुई है और इसमें 1273 करोड रुपए की राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त है। इस आलोक में निर्देश दिया गया कि सभी कार्यकारी विभाग लंबित उपयोगिता प्रमाण पत्र से संबंधित योजनाओं का जांच करते हुए तीन दिनों के भीतर उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करना सुनिश्चित करें।
बैठक में समीक्षा के दौरान बताया गया कि विभिन्न कार्यकारी विभागों के पृथक-पृथक खातों में डीएमएफटी मद के तकरीबन 295 करोड़ रुपए की राशि अवशेष है, उक्त के संदर्भ में उपायुक्त के द्वारा निर्देश दिया गया कि सभी सलंग्न कार्यकारी विभाग अपने-अपने खाते में पड़े राशि का मूल्यांकन करते हुए जो राशि एक साल से अधिक समय से खातों में पड़े हैं, उन सभी राशि को नियम अनुसार एक सप्ताह में वापस करने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। बैठक में उपायुक्त के द्वारा डीएमएफटी अंतर्गत संचालित पेयजल योजनाओं से संबंधित प्रतिवेदन का समीक्षा करते हुए संलग्न कार्यपालक अभियंता एवं डीएमएफटी पीएमयू दल को निर्देश दिया गया कि संचालित सभी योजनाएं, वर्तमान में किस परिस्थिति में है तथा उनका संचालन व संधारण की राशि का भुगतान हुआ है अथवा नहीं, से संबंधित विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध करवायें। इसके अलावा वर्ष 2024-25 में विभिन्न कार्यकारी विभागों को आवंटित योजनाओं में टेंडर निष्पादन व एग्रीमेंट का जांच करते हुए संबंधित भौतिक प्रतिवेदन उपलब्ध करवाने के लिए निर्देशित किया गया।समीक्षा के दौरान उपायुक्त के द्वारा डीएमएफटी मद से वित्तीय वर्ष 2017-18 18-19, 19-20, 20-21, 21-22, 22-23 एवं 2023-24 में स्वीकृत एवं विभिन्न कार्यकारी विभागों को आवंटित योजनाओं में से, लंबित योजनाओं से संबंधित प्रतिवेदन का भी बिंदु वार समीक्षा किया गया।
इस दौरान उपायुक्त ने वित्तीय वर्ष 2022-23 तक स्वीकृत, जिन भी योजनाओं में अपेक्षाकृत प्रगति नहीं है और वित्तीय वर्ष 2023-24 में स्वीकृत जिन भी योजनाओं में अब तक कार्य प्रगति शून्य है, उन सभी योजनाओं को रद्द करने का प्रस्ताव उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इसके अलावा उपायुक्त के द्वारा निर्देशित करते हुए कहा गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अलग-अलग कार्यकारी विभागों को आवंटित योजनाओं में जिस विभाग के द्वारा योजनाओं में अपेक्षित प्रगति प्राप्त किया जाएगा, उसी कार्यकारी विभागों को नई योजनाएं आवंटित की जाएगी।


