पत्रकार नरेश खिरवाल की माता ज्ञानधारी देवी का निधन, शहर में शोक की लहर, पंचतत्व में विलीन
Chaibasaः शहर के पत्रकार नरेश कुमार खिरवाल की माता, 95 वर्षीय ज्ञानधारी देवी खिरवाल का मंगलवार की रात लगभग 10:45 बजे निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही खिरवाल परिवार सहित पूरे शहर और पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गई। देर रात से ही परिजन, रिश्तेदार, शुभचिंतक और पत्रकार उनके आवास पर पहुंचकर संवेदना व्यक्त करते रहे।उनका अंतिम संस्कार बुधवार को चाईबासा स्थित मुक्तिधाम में किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने उपस्थित होकर उन्हें अंतिम विदाई दी।
उल्लेखनीय है कि ज्ञानधारी देवी, निर्भीक और मूल्यनिष्ठ पत्रकारिता के लिए जाने जाने वाले वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय शंकर लाल खिरवाल की पत्नी थीं। स्वर्गीय शंकर लाल खिरवाल वर्ष 1974 में पत्रकारिता के मूल्यों की रक्षा करते हुए शहीद हो गए थे। वे जमशेदपुर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “नया रास्ता” के संपादक सह प्रकाशक थे और अपने साहसिक लेखन तथा निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए जाने जाते थे। ज्ञानधारी देवी ने जीवन भर अपने पति के आदर्शों और स्मृतियों को संजोए रखा।
अंतिम संस्कार के दौरान शहर के कई अधिवक्ता, समाजसेवी, विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता, नेता और पत्रकार उपस्थित रहे। श्रद्धांजलि देने वालों में पूर्व मंत्री बड़कुँवर गागराई, गुरमुख सिंह खोखर, अधिवक्ता कैसर परवेज, सृष्टि चाईबासा के अध्यक्ष प्रकाश कुमार गुप्ता, चाईबासा चेंबर के पूर्व अध्यक्ष अनिल खिरवाल, पश्चिम सिंहभूम चेंबर के अध्यक्ष निरंजन गोयल, वरिष्ठ पत्रकार सुधीर पांडे सहित कई सामाजिक एवं राजनीतिक हस्तियां शामिल थीं। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
वरिष्ठ पत्रकार नरेश खिरवाल ने कहा कि उनकी मां न केवल परिवार की मजबूत आधारशिला थीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने पूरे परिवार को संबल दिया।
