मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की जयंती के अवसर पर कोटगढ़ चौक पर आयोजित हुआ कार्यक्रम
जगन्नाथपुर विधायक सोनाराम सिंकु ने विधिवत रूप से किया जयपाल सिंह मुण्डा के प्रतिमा का अनावरण
मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा ने आदिवासी समाज के अधिकार, शिक्षा और सम्मान के लिए आजीवन संघर्ष कियाः विधायक सोनाराम सिंकु
कोटगढ़ बस स्टैंड का नाम बदलकर “जयपाल सिंह मुंडा चौक” रखे जाने की हुई घोषणा
santosh verma
Chaibasaःशनिवार को आदिवासी समाज के महान नेता, स्वतंत्रता सेनानी एवं संविधान निर्माता मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा जी की जयंती के अवसर पर कोटगढ़ में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन सेतेंग दाः षिरजोन, नोवामुंडी के तत्वावधान में जयपाल सिंह मुंडा प्रतिमा अनावरण सह दीपुरी सम्मेलन के रूप में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जगन्नाथपुर विधायक सोनाराम सिंकु उपस्थित रहे। विधायक सोनाराम सिंकु ने विधिवत रूप से फीता काटकर जयपाल सिंह मुंडा की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने मरांग गोमके के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में कोटगढ़ बस स्टैंड का नाम बदलकर “जयपाल सिंह मुंडा चौक” रखे जाने की घोषणा की गई। इस निर्णय से क्षेत्र के लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला, क्योंकि यह आदिवासी अस्मिता और गौरव का प्रतीक माना जा रहा है।अपने संबोधन में विधायक सोनाराम सिंकु ने कहा कि मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा ने आदिवासी समाज के अधिकार, शिक्षा और सम्मान के लिए आजीवन संघर्ष किया। उनका जीवन आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने युवाओं से जयपाल सिंह मुंडा जी के विचारों को आत्मसात करने और समाज के उत्थान के लिए कार्य करने का आह्वान किया। सम्मेलन में अमरजीत लगुरी, भीमसिंह चातोम्बा, शंकर चातोम्बा, चंद्रमोहन चातोम्बा, सुमित बालमुचू, बुधराम चंपिया, निरंजन बोबोंगा, सुरेंद्र चातोम्बा, सुनील पूरती, बामिया चंपिया, जगदीश सिंकु, नोवामुंडी कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष मंजीत प्रधान, युवा कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष मामूर अंसारी, मुंडा सोमनाथ सिंकु, प्रदीप प्रधान, रंजीत गगराई, रोशन पान, क्रांति तिरिया, मुंडा अजय लगुरी, मोरान सिंह केराई, मो० जाविद, दानिश हुसैन, रामबिलास प्रजापति, सुरेश प्रजापति, प्रकाश गोप, आबिद हुसैन, सन्नी रजक, एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी वर्ग, युवा एवं महिलाएं उपस्थित रहीं। पूरे कार्यक्रम का माहौल श्रद्धा, गर्व और उत्साह से भरा रहा।यह आयोजन न केवल मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा जी को सम्मान देने का माध्यम बना, बल्कि आदिवासी समाज की एकता और सांस्कृतिक चेतना को भी सशक्त करने वाला सिद्ध हुआ।


